रेवतीपुर स्थित एक स्कूल के सभागार में स्वामी सहजानंद सरस्वती की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में द
रेवतीपुर। स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मृति न्यास की ओर से स्वामी सहजानंद सरस्वती की 137वीं जयंती रविवार को एक शैक्षणिक संस्थान में मनाई गई। राजेश राय पिंटू ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती सामाजिक न्याय के अग्रदूत थे। उन्होंने जमींदार परिवार में जन्म लेने के बावजूद जमींदारी प्रथा के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका।
माधव कृष्ण राय ने कहा कि संसार में उपलब्ध प्रत्येक साधन मात्र एक टूल हैं। आलोचना का भी एक विवेक होता है। हमें प्रदूषण को सहना नहीं, उसका विवेकपूर्ण विरोध करना है, उसका प्रसार नहीं करना है। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने वाली विचारधारा की आवश्यकता पर बल दिया। आध्यात्म वही है, जो सजीव और निर्जीव में भी ममता और एकत्व का अनुभव करे। जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राय ने कहा कि उस कालखंड और वर्तमान कालखंड में परिस्थितियों का मूल स्वरूप बहुत भिन्न नहीं है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, ओम नारायण प्रधान, ज्ञानेंद्र राय, मारूति राय, सच्चिदानंद राय आदि मौजूद रहे।