भूगर्भ जल का दोहन करना अब महंगा पड़ेगा। शासन की ओर से प्रदेश के 44 जिलों
के 179 विकासखंडों में लघु एवं सिंचाई विभाग की तरफ से संचालित सभी
योजनाओं के अंतर्गत नलकूपों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें
गाजीपुर जिले के भी दो विकासखंड गाजीपुर सदर और मुहम्मदाबाद भी शामिल है।
अब इन दोनों विकासखंड़ों में नलकूप लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
भारत
सरकार की भूजल आकलन समिति की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार 31
मार्च-2011 के आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में भूजल संसाधनों का नए सिरे से
आकलन किया गया। इस अध्ययन के आधार पर तैयार की गई भूजल संसाधन आकलन रिपोर्ट
2011 पर भारत सरकार का अनुमोदन राज्य सरकार को प्राप्त हो गया है।
इसमें
भूजल संसाधनों की विकास खंडवार उपलब्धता एवं दोहन की स्थिति के साथ
अतिदोहित, संवेदनशील और अति संवेदनशील एवं सुरक्षित श्रेणियों में वर्गीकृत
किए गए विकासखंड शामिल हैं। रिपोर्ट में प्रदेश के 44 जिलों के 820
विकासखंडों में भूजल संसाधनों का आकलन किया गया है। इसके आधार पर भारत
सरकार की तरफ से इन सभी विकास खंडों में से 111 विकासखंड अतिदोहित, 68
संवेदनशील और 82 अति संवेदनशील तथा शेष 559 विकासखंड सुरक्षित श्रेणी में
वर्गीकृत किए गए हैं।
विगत वर्षों में किए गए भूजल संसाधनों के आकलन की
तुलना में इस संकटग्रस्त विकास खंडों में संख्या में वृद्धि हुई है जो एक
चिंताजनक स्थिति है। शासन की तरफ से वर्गीकृत किए गए 111 अतिदोहित एवं 68
संवेदनशील यानी कुल 179 विकासखंडों जो प्रदेश के 44 जिलों में स्थित हैं,
वहां लघु सिंचाई एवं सिंचाई विभाग की तरफ से संचालित योजनाओं पर प्रतिबंध
लगा दिया गया है।
इसमें जिले के गाजीपुर और मुहम्मदाबाद विकासखंड भी शामिल
हैं। बताया गया है कि नि:शुल्क बोरिंग, मध्यम गहरी बोरिंग, गहरी बोरिंग,
राजकीय नलकूप, सामूहिक नलकूप योजना आदि के अंतर्गत निर्मित किए जाने वाले
सभी प्रकार के नलकूपों के निर्माण पर इस शासनादेश की निर्गम तिथि से
प्रतिबंध लगा दिया गया है।
यही नहीं इन 179 विकासखंडों में कृषकों की ओर से
अपने श्रोतों से शासनादेश की निर्गम तिथि तक निर्मित किए गए नलकूपों के
ऊर्जीकरण पर प्रतिबंध नहीं होगा लेकिन इस तिथि केे बाद निर्मित किए जाने
वाले निजी-सार्वजनिक नलकूपों का ऊर्जीकरण नहीं किया जा सकेगा।
भूगर्भ
जल का दोहन चिंता का विषय है। इसको रोकने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग
की तरफ से राजकीय नलकूपों पर स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम पर आधारित नलकूपों
के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। वीसी चौधरी, अधिशासी अभियंता,
नलकूप खंड प्रथम।