छात्रसंघ चुनाव के दौरान शुक्रवार की दोपहर स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के
दो प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ गए, जिससे वहां अफरातफरी मच गई।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर पानी की बौछार करने के
साथ ही लाठियां भांजीं। मारपीट में तीन छात्र घायल हो गए। फिर से छात्र
बवाल न करें, इसके लिए परिसर में पर्याप्त पुलिस फोर्स सहित पीएसी तैनात की
गई।
कालेज में शुक्रवार की सुबह 8 बजे मतदान शुरू हुआ। कालेज के बाहर
विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के समर्थक अपने प्रत्याशी
के पक्ष में झंडा बुलंद कर रहे थे। जुलूस की शक्ल में उनकी ओर से नारेबाजी
करने के साथ ही, वोट देने जाने वाले छात्र मतदाताओं से अपने पक्ष
में वोट
देने की अपील की जा रही थी। इसी बीच दोपहर 12:20 बजे दो प्रत्याशियों के
समर्थकों का जुलूस आमने-सामने हो गया। किसी बात को लेकर समर्थकों में
कहासुनी होने लगीऔर देखते ही देखते छात्र लाठी-डंडे से एक दूसरे पर वार
करने लगे। शोर-शराबे के बीच होने वाली मारपीट से दौड़ाकर एक-दूसरे को मारने
लगे। मारपीट शुरूहोते ही वहां अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद
शहर कोतवाल
और पुलिस मामले को संभालने में जुट गई। बावजूद इसके छात्र शांत नहीं हो रहे
थे। जब पुलिस को ऐसा लगा कि छात्र आसानी से शांत होने वाले नहीं हैं तो
उन्होंने लाठी भांजते हुए छात्रों को खदेड़ा। इस दौरान पुलिस ने कई छात्रों
की पिटाई भी की। पुलिस ने काफी
दूर तक छात्रों को खदेड़ा। बवाल कर रहे
छात्रों पर फायर कर्मियों ने पानी की बौछार की। दोबारा छात्र मारपीट न करें
इसके लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स सहित पीएसी की तैनाती कर दी गई। इस मारपीट
में आनंद राय, सूरज वर्मा और अविनाश राय घायल हो गए। उनका उपचार जिला
अस्पताल में कराया गया। जबकि मारपीट के दौरान भागने में कई छात्र गिरकर
चुटहिल हो गए।
गूंजता रहा मारो-मारो का शोर
छात्रसंघ चुनाव
की वजह से स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के बाहर सुबह से ही गहमागहमी की
स्थिति रही। दोपहर में प्रत्याशी समर्थकों में मारपीट शुरू होते ही वहां
नारेबाजी की जगह पकड़ो मारो-मारो का शोर गूंजने लगा। शोर और भीड़ के बीच
लोग समझ नहीं पा रहे थे कि कौन किसकी पिटाई कर रहा है। करीब 25 मिनट तक
माहौल पूरी तरह से अशांत रहा।
पुलिस ने दिखाई सक्रियता
छात्रों
का हंगामा देखकर पुलिस ने जल्दी ही सक्रियता दिखाई और उन्हें लाठियां
फटकार कर खदेड़ा। पुलिस से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही देर में
छात्रों से भरी सड़क पूरी तरह से खाली हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों
को आसपास फटकने नहीं दिया।