गेहूं की खरीद कागजों में भले ही पहली अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन पहले दिन सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। जनपद में गेहूं खरीद पखवारे के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। धान की तरह गेहूं की आनलाइन खरीद करने के लिए क्रयकेंद्रों पर सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
शासन की ओर से जनपद को इस साल गेहूं की खरीद का बंपर लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 25 हजार एमटी का लक्ष्य सौंपा गया था और इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 51 क्रय केंद्र खोले गए थे। उस दौरान खरीद की हालत बेहद दयनीय थी। लक्ष्य के सापेक्ष महज सवा सात फीसदी यानी 1809.207 एमटी गेहूं की खरीद 386 किसानों से की गई थी।
इस बार 98 हजार 400 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीद के लिए इस बार 42 क्रयकेंद्र खोले गए हैैं। इनमें विपणन के 16, पीसीएफ के 16, एग्रीकाफ एवं कर्मचारी कल्याण निगम के 3-3 तथा एनसीसीएफ के 4 क्रयकेंद्र शामिल हैं। इन संस्थाओं को लक्ष्य आवंटित करने के साथ ही शासन की ओर से समर्थन मूल्य घोषित कर दिया गया है।
15 जून तक होने वाली खरीद कागजों में भले ही पहली अप्रैल से शुरू हो गई हो लेकिन आज पहले दिन क्रयकेंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। कुछ जगहों पर कर्मचारी किसानों का इंतजार करते रहे। उनका कहना है कि कई ग्रामीण क्षेत्।ों में अभी गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में इस पखवारे के अंत तक खरीद शुरू होने की संभावना है।
पिछले वर्ष गेहूं बेचने वाले किसानों का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किया गया था। इस बार भी आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सभी क्रयकेंद्र क्रियाशील हो गए हैं। उतराई-छनाई के मद में किसान को केंद्र पर भुगतान करना होगा जिसकी प्रतिपूर्ति 10 रुपये प्रति कुंतल की दर से आरटीजीएस के माध्यम से उसके खाते में की जाएगी। केंद्र सुबह नौ से शाम छह बजे तक खुलेंगे।