गाजीपुर। परिवहन निगम की ओर से नई पहल होने जा रही है। अब रोडवेज यात्रियों को एमएसटी (मासिक पास) स्मार्ट कार्ड के रूप में मिलेगा। स्मार्ट कार्ड में चिप लगी रहेगी। नई व्यवस्था के तहत मासिक सीजनल टिकट यानी एमएसटी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा। हर महीने नया कार्ड बनवाने के बजाए यात्री इसे केवल रिचार्ज करा सकेंगे। इससे छात्रों व नौकरीपेशा लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। परिवहन निगम इस नई व्यवस्था को बहुत जल्द लागू करने जा रहा है। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए परिवहन निगम अंदरखाने तेजी से तैयारी कर रहा है। वर्तमान में रोडवेज की बेड़े में 94 बसें हैं। वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, वीरभानपुर आदि जगहों के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। इनमें नौकरी पेशा लाग, विद्यार्थी व नियमित यात्रा करने यात्री भी सफर करते हैं। इन बसों के लिए एमएसटी बनवाने के लिए यात्रियों को आधार कार्ड, हाईस्कूल प्रमाण पत्र और फोटो लेकर रोडवेज बस स्टैंड जाना पड़ता था। लंबी प्रक्रिया व समय की बर्बादी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वहीं नई व्यवस्था लागू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
छेड़छाड़ की संभावना पर लगेगी रोक
गाजीपुर। अब तक मैनुअल एमएसटी बनती थी। कई बार कुछ यात्री ओवरराइटिंग कर देते थे। इस कारण वह कई बार पकड़ में नहीं आते थे। वहीं स्मार्ट कार्ड में धनराशि मौजूद रहने पर मशीन टिकट जनरेट करेगी। बस में परिचालक को मासिक पास चेक करने के लिए अपडेट नई ईटीएम मशीन भी दी जाएगी। परिचालक कार्ड को मशीन से स्पर्श करते ही जान लेगा कि यात्री की एमएसटी सही है या गलत।
दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को स्मार्ट एमएसटी कार्ड दिया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। जल्द ही नई व्यवस्था लागू होगी। - वीके पांडेय, एआरएम