गाजीपुर। जनपद में 16 ब्लॉक है। लेकिन विभिन्न ब्लॉकों के सिर्फ सात ग्रामीण रूट बाराचंवर, वीरभानपुर, वीरपुर, शेरपुर, चितबड़ागांव और रासेपुर में ही रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में मरदह, जमानिया, दुबिहां, सैदपुर, कासिमाबाद सहित अन्य रूट पर ग्रामीण बसों के बहाल नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
औड़िहार संवाददाता के अनुसार, राजकीय परिवहन निगम की बसों की कमी और उनकी खस्ताहाली के चलते इन दिनों क्षेत्र के सैकड़ों नागरिक प्रतिदिन परेशान होते नजर आते हैं। सैदपुर नगर क्षेत्र से आजकल पांच या छह की संख्या में ही गुजरती हैं। यह बसें भी डग्गामार बसों की गिनती में शुमार हैं। फोरलेन चालू होने के पूर्व यहां से करीब 40 बसें सैदपुर से होकर वाराणसी व गाजीपुर मऊ वह गोरखपुर आदि जनपदों के लिए गुजरती थी। उस वक्त लखनऊ व कानपुर तक की यात्रा भी सैदपुर से सुलभ थी। फोरलेन चालू हो जाने के बाद दूरगामी और अच्छी बसें सैदपुर के बाहर फोरलेन से ही निकल जाती हैं। सैदपुर कस्बे और इससे जुड़े ग्रामीण इलाकों के दर्जनों गांव के लोग रोडवेज बसों की कमी को लेकर विभाग को कोस रहे हैं।
मरदह संवाददाता के अनुसार, भड़सर बाजार से कासिमाबाद तहसील मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर एक भी बड़ी बस नहीं चलने से आवागमन करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा। दशकों बाद भी 24 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आज तक कोई बड़ी सवारी वाहन या रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है। जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूरी पर स्थित इस मार्ग पर भड़सर, रूक्कापुर, बीरबलपुर, बिहरा, नसीरुद्दीनपुर, पृथ्वीपुर, उच्चौर, कलौरा, जगदीशपुर अवतार, अविसहन, चुरामनपुर, चंवरा, वेदबिहारी चट्टी, बहरामपुर, बहराईच, शेखनपुर, मिर्चापुर और कासीमाबाद गांव सहित मुख्यालय भी स्थित है। वर्षो से जिला प्रशासन से इस मार्ग पर परिवहन निगम की बस चलाने की मांग की जा रही है लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। ऐसे ही क्षेत्र के सलामतपुर-मटेहूं चट्टी से होकर जिला मुख्यालय जाने के लिए भी परिवहन निगम की बस की वर्षो से मांग की जा रही है। बहादुरगंज नगर पंचायत महत्वपूर्ण होने के बावजूद यहां से एक परिवहन निगम की बस जिला मुख्यालय को नहीं जाती। बस नहीं चलने से क्षेत्र के सलामतपुर,देवली,झोटारी, सिहोरा, घरिहां, बसवारी, बहतुरा, चंवर, गांई, मटेहूं, टिसौरी, भटवना, बाघपुर गांव सहित अनेक गांव के लोगों को काफी मुश्किल होती है।
दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार, साल 2008 तक गाजीपुर नगसर वाया दिलदारनगर तक रोडवेज की सुविधा उपलब्ध थी। उसके बाद से लेकर के अब तक लगभग 13 वर्षों से क्षेत्रीय लोग रोडवेज परिवहन से अछूता है। वहीं, दिलदारनगर-नगसर ताड़ीघाट रेल मार्ग पर दो महीने ट्रेन का मेगा ब्लॉक है। ऐसे में प्राइवेट वाहनों की मनमानी से लोगों को महंगे किराए में यात्रा करना खल रहा है। दुबिहां संवाददाता के अनुसार, बाराचवर विकास खंड के दुबिहां सहित दर्जनों गांव के लोग इन दिनों ग्रामीण सेवा के बहाल नहीं होने से परेशानी झेल रहे हैं। दुबिहां से जिला मुख्यालय तथा वाराणसी जाने के लिए कोई सरकारी बस नहीं होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों के सामने समस्या बनी हुई है।
अरविंद सिंह, संचालन प्रभारी ने कहा कि बसों की कमी और घाटे के कारण विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। रोडवेज की अधिकांश बसें 5 लाख से ऊपर चल चुकी है। ऐसे में अनुबंधित बसों को लेकर शासन की ओर से कवायद होनी है। कुछ नई और अनुबंधित बसों के आने का इंतजार है।