गाजीपुर। नगर के प्रमुख मार्ग बारिश को सहन नहीं कर सकीं। स्थिति ये है कि 12 प्रमुख मार्गों पर सिर्फ मिट्टी ही बची है। उखड़ी पिच व गिट्टी से मार्गों ने अब कमर दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा कर दिया है। यही नहीं जगह-जगह दो से तीन फीट तक मार्ग धंसे होने से टोटो पलट रहे हैं। खासकर लंका से सांसद तिराहा, सिंचाई विभाग चौराहा से विकास भवन और कचहरी से शास्त्रीनगर तक सड़क ही गायब है, जिस पर आवागमन करने से भी लोग कतरा रहे हैं।
लंका तिराहे से सांसद तिराहा को जाने वाली करीब 800 मीटर की सड़क में करीब 100 मीटर में सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन विद्यालय जाने वाले करीब 1000 से अधिक स्कूली छात्र, कचहरी, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, अस्पताल जाने के लिए दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों और गैर जनपदों 10 हजार लोगों का आवागमन रहता है। यही नहीं सिंचाई विभाग चौराहा से विकास भवन तक एक किमी तक की सड़क करीब छह महीने से जर्जर है। स्थिति यह है कि इतनी दूरी तक पिच व गिट्टी तो दूर मिट्टी तक नहीं होने से गड्ढों में आवागमन मुश्किल हो चुका है।
कचहरी से शास्त्रीनगर तक करीब आधा किलो मीटर की सड़क पर 200 मीटर तक सड़क पूरी तरह से पिच और गिट्टी विहीन है। इसके अलावा लकड़ी का टाल, टाउन हॉल, विशेश्वरगंज से मिश्रबाजार होते हुए लालदरवाजा तक दो किमी, लंका से फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग और फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग से सिटी रेलवे स्टेशन तक की सड़क, नवीन स्टेडियम की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। इन सभी मार्गों में करीब पांच से छह फीट तक लंबाई और चौड़ाई के गड्ढे बने हुए हैं। विकास भवन चौराहा और मेडिकल कॉलेज अस्पताल को जाने वाले मार्ग में पड़े करीब पांच से छह गड्ढे जानलेवा हो चुके हैं, बावजूद जिम्मेदार कभी बरसात के बाद तो कभी जल्द बनवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
कमर दर्द से प्रतिदिन पहुंच रहे 20 से अधिक मरीज
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन कमर दर्द के प्रतिदिन 20 मरीज हड्डी विभाग में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इससे संबंधित अधिकांश मरीजों बाइक व वाहन चलाने वाले शामिल है। यही नहीं ऐसे मरीजों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच में है। कमर दर्द और नस संबंधित समस्याओं को लेकर मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है।
शहर की सड़कों की स्थिति काफी खराब है। स्थिति यह है कि लंका तिराहे से सांसद तिराहे तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में ही डालना पड़ रहा है। आए दिन टोटो पलट रहे हैं।- जय गुप्ता, पीरनगर
कचहरी से शास्त्रीनगर और आरटीआई चौराहा से नवीन स्टेडियम तक पहुंचने का मतलब जान जोखिम में डालना है। अगर बारिश हो गई तो स्थिति और खराब हो जा रही है। - राजीव, आरटीआई चौराहा
लंका से फुल्लनपुर और फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग से सिटी रेलवे स्टेशन, सिंचाई विभाग चौराहा से विकास भवन चौराहा तक की सड़क जर्जर है। ऐसे में कमर दर्द बढ़ रहा है।- आसिफ खान, मिश्रबाजार
तीन करोड़ से सड़कों के निर्माण का टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दो तरीकों से शहर की सड़कों का निर्माण होगा, इसमें सीसी और पिच शामिल है। सीसी मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। दिसंबर तक पूरे मार्ग को दुरुस्त करा दिए जाएंगे।- डीके राय, ईओ नगर पालिका परिषद गाजीपुर
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद
शहर के सिंचाई विभाग चौराहा के पास सड़क पर बने गड्ढों से बचकर निकलते राहगीर। संवाद