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गाजीपुर: सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई बोलेरो, चालक की मौत

Sun, 05 Dec 2021 05:58 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

नंदगंज कोतवाली क्षेत्र के तलवल मोड़ के पास खराब होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से तेज रफ्तार बोलेरो पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गया। 
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सड़क हादसा - फोटो : social media
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के नंदगंज कोतवाली क्षेत्र के तलवल मोड़ के पास शनिवार की देर रात सड़क किनारे खड़े ट्रक में एक बोलेरो ने टक्कर मार दी। हादसे में बोलेरो चालक की मौके पर ही मौत हो गई। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के जोगा मुसाहिब सवितापुर गांव निवास बोलेरो चालक राममदन कुशवाहा (46) किसी काम से वाराणसी गया था। वहां से वह लौट रहा था।

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इसी बीच तलवल मोड़ के पास खराब होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से तेज रफ्तार बोलेरो पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गया। जानकारी होने पर आसपास के लोग घटना स्थल पर जुट गए।

हादसे की सूचना पर महाराजगंज चौकी प्रभारी कृपाशंकर उपाध्याय पुलिस टीम के सात पहुंचे और घायल चालक को बोलेरो से निकलवाया और उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिवार के लोग रोते-बिलखते मर्चरी हाउस पहुंचे। कोतवाल विमल मौर्या ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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कमरे में फंदे से झूलती मिला विवाहिता का शव

बहरियाबाद क्षेत्र के भंवरूपुर गांव में शनिवार की देर रात एक विवाहिता का शव कमरे में पंखे के सहारे फंदे से लटकता मिला। मृतका की मां ने विवाहिता के पति पर दहेज के हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।  दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के छपरी गांव निवासी अलका की शादी 23 जून 2019 को भंवरूपुर गांव निवासी दीपक राम से हुई थी। उसकी एक पुत्री है।

छह माह पूर्व दीपक राम अपने दो अन्य भाइयों के साथ मुंबई चला गया था। विवाहिता अलका देर रात सास सुखदेई, ससुर फिरंगी राम और जेठानी के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी। देर रात अलका के कमरे से उसकी 11 माह की पुत्री के रोने की आवाज सुनकर परिजन जग गए। जब ससुरालियों ने अलका को जगाने के लिए आवाज लगाई तो कोई हरकत सुनने को नहीं मिली। इस पर जब उन्होंने कमरे की खिड़की से देखा तो अलका का शव साड़ी के फंदे के सहारे पंखे से झूल रहा था।
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