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नदियों में बढ़ाव जारी, तटवर्ती लोगों में चिंता बढ़ी

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गोमती नदी में बढ़ाव जारी होने से तटवर्ती लोग चिंतित। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। गंगा नदी में बढ़ाव का क्रम मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि यह गति अभी काफी धीमी है। लेकिन लगातार पानी बढ़ने से किनारे बसे लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। शाम को चार बजे तक गंगा का जलस्तर 55.120 मीटर पर पहुंच गया था। यहां खतरे का निशान 63.125 मीटर है। इससे अभी नदी का जलस्तर काफी दूर है। उधर गंगा के साथ ही अन्य सहायक नदियों का भी जलस्तर बढ़ने लगा है। जनपद में गोमती, गांगी, टोंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, भैंसहीं, उदंती आदि नदियों के तट पर बसे लोग पानी बढ़ने से चिंतित नजर आ रहे हैं। सोमवार को गंगा का जलस्तर 50 मीटर से सिर्फ दो सेंटीमीटर ही कम नोट किया गया था। जबकि दो दिनों पहले तक यह निशान 42 मीटर पर था। बीते 24 घंटे में एक से डेढ़ पुट तक पानी उपर चढ़ा है। ऐसे में पटना, खरौना, औड़िहार, कुसहीं, हथौड़ी, शादी भादी, गोपालपुर आदि गांवों के लोगों की चिंता अब बढ़ने लगी है।
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गांगी नदी के तटवासी भी दहशत में
गाजीपुर। पड़ोसी जनपद जौनपुर से जनपद में मकरसन के रास्ते प्रवेश करने के बाद यह नदी मौधा, नायकडीह, सोनियापार, कुढ़ानंदी, भुजहुआं, भुंवरपुर, उचौरी और भीमापार के रास्ते दौलतपुर, देवकली, पहाड़पुर से होकर करंडा के मैनपुर से होकर गंगा में विलीन हो जाती है। यह नदी बाढ़ में कईं गांवों को प्रभावित करती है। गांगी नदी बाढ़ की चपेट में आकर भुजहुंवा, भूंवरपुर, रमगढ़वां, कूढ़ालंबी, सोनियापार के लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। जबकि ऊचौरी, भीमापार, कोटिसा, भैरवपुर आदि गांवों के लोग त्रस्त हो जाते हैं। इस नदी से तबाही को रोकने के लिए आज तक ठोस उपाय नहीं किया गया है।
टोंस नदी से हर साल करईल का इलाका होता है तबाह
दुबिहां। आजमगढ़ से निकलकर गाजीपुर के रास्ते बलिया में प्रवेश करने वाली टोंस नदी हर साल करईल इलाके में तबाही मचाती है। पूरा करईल का इलाका और दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। यह नदी 50 किमी की दूरी तय कर बलिया के रास्ते गंगा में मिल जाती है। जिले की सीमा बहादुरगंज में प्रवेश करने के बाद नदी मकसड़ी, बखरियाडीह, असावर, बेलहपुर, गोसलपुर, हरदासपुर, गड़ार होते हुए यहां बहती है। नदी के किनारे बसे गांव में लोग मानसून आने के बाद बाढ़ आने को लेकर चिंतित हैं।
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