कसिमाबाद। गोधनी नदी के पानी से डूबी धान की फसल से चिंतित किसानों ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को पत्रक देकर कार्रवाई की मांग की। किसानों ने बताया कि नदी को जगह-जगह मछली मारने वालों ने जाल लगाकर बांध दिया है। इससे पानी का बहाव काफी धीमी गति से हो रहा है। आसपास के दर्जनों गांवों के किसान इस समय गोधनी नदी के पानी से डूबी धान की फसल से काफी परेशान एवं चिंतित हैं।
किसानों ने बृहस्पतिवार को उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को पत्रक देकर अवगत कराया कि विकासखंड के शेखनपुर मिर्जापुर गांव के पास नदी को पूरी तरह से जाल लगाकर बांध दिया गया है, जिससे पानी पूरी तरह से ठहर गया है। मना करने पर मछली मारने वाले झगड़ा करने पर उतारू हो जा रहे हैं। किसानों ने यह भी अवगत कराया कि इसी तरह नदी को खेताबपुर गांव के पास के साथ शहाबुद्दीनपुर, राजापुर कला, भगवल आदि गांव के पास मछली मारने के लिए जाल लगाकर नदी को पूरी तरह से बांध दिया गया है। यही कारण है कि पानी तेज गति से नहीं निकल रहा है। एक माह से फसल कमर भर पानी में डूबी हुई है। अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। उप जिलाधिकारी कासिमाबाद रमेश मौर्य ने बताया कि शीघ्र ही नदी में मछली मारने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कासिमाबाद एवं बरेसर थाना के प्रभारी निरीक्षक को इस पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्रक देने वाले किसानों में सत्यवीर सिंह, बृजेश सिंह, शिवमूरत राम, हरिहर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राघवेंद्र सिंह, दुर्गविजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, उदय नारायण सिंह, संतोष सिंह, मोहन बिंद आदि प्रमुख थे।