सैदपुर नगर के वार्ड नंबर 11 में सड़क किनारे पसरा पानी व कीचड़ - संवाद
गाजीपुर। जनपद में आठ नगर निकाय हैं। इन निकायों के 136 वार्डों में 2.75 लाख की आबादी रहती है। मानसून में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मानसून में लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके, इसके लिए नगर निकाय के जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। जनपद के सभी नगर निकायों में वाटर क्लोराइजेशन (क्लोरीनीकरण) की व्यवस्था बेपटरी है। इसके कारण लोग साफ पानी नहीं मिल पाने की शिकायत कर रहे हैं।
जिले के आठों नगर निकाय में पेयजलापूर्ति के लिए 26 पानी टंकियां हैं। इनमें से तीन में तकनीकी दिक्कत है। ऐसे में 23 पानी टंकियों से ही पेयजलापूर्ति होती है। इसी तरह 69 ट्यूबवेल हैं। इनमें से चार खराब पड़े हुए हैं। मानसून को लेकर जिम्मेदारों की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई।
यही कारण है कि लोग नलों से गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने कई बार जिम्मेदारों के यहां गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर निकला। फिजिशियन डॉ. विक्रम सक्सेना ने बताया कि बारिश के सीजन में संक्रामक बीमारियां बढ़ जाती हैं। ज्यादातर संक्रामक बीमारियां गंदा पानी पीने से होती हैं।
सैदपुर नगर के वार्ड नंबर 11 में सड़क किनारे पसरा पानी व कीचड़ - संवाद
सैदपुर नगर के वार्ड नंबर 11 में सड़क किनारे पसरा पानी व कीचड़ - संवाद
सैदपुर नगर के वार्ड नंबर 11 में सड़क किनारे पसरा पानी व कीचड़ - संवाद