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25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर गैंग सहित गिरफ्तार

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सादात थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम को बुधवार को भोर में बड़ी सफलता मिली। टीम ने सादात क्षेत्र के खिदिरगंज नहर पटरी के पास से 25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर सुनील कुमार राम उर्फ सिपाही और उसके साथियों सहित पांच को गिरफ्तार किया। गैंग में एक होमगार्ड भी है। बदमाशों के पास कई असलहा-कारतूस, लूट की बाइक के साथ नकली सोना बरामद हुआ है। बदमाश गैंग बनाकर लूट सहित अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था।
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प्रेसवार्ता कर पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया कि वांछित-इनामिया अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सादात थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण यादव, एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान भोर में करीब 4 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लुटेरे व अपराधी खिदिरगंज जाने वाली नहर पटरी के महुरसा गांव सभा के दिलीपराय पट्टी जाने वाले मोड़ पर मौजूद है। इस सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में बहरियाबाद थाना क्षेत्र के बघाईदेईपुर निवासी इनामिया सुनील कुमार राम उर्फ सिपाही, सादात क्षेत्र के महुरसा निवासी रामलखन राम, वाराणसी के शिवपुर थाना के उनदी निवासी जीउत उर्फ अवनी कुमार, सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के राजेश कुमार कश्यप और आजमगढ़ जिले के तरवा थाना के कबुतरा निवासी होमगार्ड सत्यनारायण मौर्य शामिल है। इनके पास से लूट की एक बाइक, 315 बोर का चार तमंचा, दो कारतूस, छह नकली सोने के बिस्किट व एक टुकड़ा सफेद धातु का तथा चार सफेद धातु का राड बरामद किया गया है।
बेवकूफ बनाकर बेचते थे नकली सोना
एसपी ने बताया कि यह गैंग लूट की वारदात के साथ-साथ करने के साथ ही लोगों को बेवकूफ बनाकर नकली सोना बनाकर बेचता था। पहले असली सोने का सैंपल दिखाते थे और कहते थे कि हमारे पास ज्यादा सोना है। एक धातु पर सोने का पानी चढ़ाकर बेचकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। अपराधी सुनील पर जिले सहित गैर जनपदों में कुल 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लूट के मामले में वह कई बार जेल भी जा चुका है। गैंग ने 30 दिसंबर को सादात थाना क्षेत्र में बाइक लूटी गई थी। वह भी बरामद हुई है। गिरफ्तार तरवां निवासी होमगार्ड सत्यनारायण मौर्य तरवां में ड्यूटी भी करता है। इस गैंग में इसका रोल यह था कि जब गैंग से जुड़े लोग पार्टी को बुलाकर सौदा करते थे और पार्टी पैसा दे देती थी तो उसी समय यह वहां आ जाता था तो ठग भागो पुलिस आ गई, कहते हुए भाग जाते थे। इस काम के लिए ठग होमगार्ड को पैसा देते थे। मौके पर पुलिस पहुंचने की वजह से ठगे जाने वाले भी शिकायत नहीं करते थे।
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