परिषदीय विद्यालयों में रिसोर्स रूम के लिए जिले को मिलेंगे दो लाख रुपये
फीजियोथैरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी से लेकर मिलेगी तमाम सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों के स्कूल समय में शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए ब्लाॅक संसाधन केंद्रों पर रिसोर्स रूम बनेंगे। रिसोर्स रूम में फीजियोथेरेपी तथा ऑक्यूपेशनल थेरेपी से लेकर दिव्यांग बच्चों को तमाम सुविधाएं मिलेगी। साथ ही अभिभावकों को भी परामर्श दिया जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से रिसोर्स रूम के लिए जिले को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। केंद्र सरकार से प्राप्त धन से रिसोर्स रूम के लिए दिव्यांगों के उपयोग में आने वाले उपकरण एवं अन्य सामग्रियां खरीदी जाएगी।
समेकित शिक्षा के तहत बनने वाले रिसोर्स रूम में दिव्यांगों के लिए कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। मसलन, फीजियोथेरेपी की सुविधा, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, दिव्यांग बच्चों के क्रियात्मक एसेसमेंट के अलावा अभिभावकों को परामर्श आदि भी दिया जाएगा।
रिसोर्स रूम के लिए फीजियोथेरेपी उपकरणों की खरीद की जाएगी जहां फीजियोथेरेपिस्ट कार्यरत होंगे। रिसोर्स रूम के लिए उपकरण या अन्य सामग्रियों की खरीद के लिए जिले स्तर पर समिति बनी है। समिति में मुख्य विकास अधिकारी अध्यक्ष होंगे जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
इसके अलावा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) तथा जिला समन्वयक (एमआईएस) ईएमआईएस इंचार्ज को समिति में सदस्य बनाया जाएगा। रिसोर्स रूम बीआरसी परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय या बीआरसी के निकट के प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष को बनाना होगा।
स्थान चयन करने के दौरान दिव्यांग बच्चों के आवागमन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना होगा। रिसोर्स रूम के लिए खरीदे गए उपकरणों एवं अन्य सामग्रियों का पूरा विवरण स्टॉक पंजिका में दर्ज करना होगा। रिसोर्स रूम को दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं नोडल टीचर की होगी।
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शासन से दो लाख रुपये का बजट मिला है। इससे मुहम्मदाबाद बीआरसी परिसर में दिव्यांग बच्चों के लिए रिसोर्स रुम के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे।- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी