दुबिहा। धान की रोपाई और सिंचाई के मौसम में गहराए बिजली संकट ने मंगलवार को ग्रामीणों का सब्र तोड़ दिया। लगातार कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग से परेशान सैकड़ों ग्रामीणों ने दुबिहा पावर हाउस पहुंचकर प्रदर्शन किया और दोपहर एक बजे दुबिहा-रसड़ा मार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दुबिहा और कुशहा फीडर से जुड़े 35 से अधिक गांवों के 50 हजार से अधिक उपभोक्ता कई दिनों से अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या झेल रहे हैं। हरदासपुर, दुबिहा, असावर, कमसड़ी, नेवादा, लालीडेरा, खड़हरा, पाहुपुर, इटावा, निहालपुर, चवरा, पखनपुरा, पांडेपुर, बेनीपुर, मुस्तफाबाद और मंगरौली समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति बदहाल है।
ग्रामीणों ने बताया कि धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। इससे किसानों के सामने फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। वहीं भीषण गर्मी में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आमजन का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
खैराबारी सब स्टेशन को जोड़ने के बाद बिगड़ी व्यवस्था
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक साल पहले कुंडेसर से आने वाली 33 केवी लाइन से खैराबारी सब स्टेशन को जोड़ने के बाद दुबिहा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था लगातार खराब हुई है। उन्होंने दुबिहा पावर हाउस को खैराबारी सब स्टेशन से अलग करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रदर्शन से पहले उन्होंने प्रशासनिक और विद्युत अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा। सूचना पर पहुंचे अवर अभियंता गुड्डू चौहान ने अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह से फोन पर वार्ता कराई। अधिशासी अभियंता ने एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में सुनील राय, ब्रह्मगिरी, गंगासागर राय, कृष्णानंद राय, रोशन राय, रमेश यादव, राजेंद्र राजभर, अनिल पासवान और झुन्ना प्रजापति समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
अघोषित बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति को लेकर दुबिहा-रसड़ा मार्ग को जाम करते क्षेत्र के लोग। सं