अखिल भारतीय राजभर संगठन के तत्वावधान में राजभर जाति को विमुक्त जनजाति की श्रेणी बनाकर अलग से आरक्षण की मांग की गई। इसके लिए सोमवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान इस जाति को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं राजनीतिक विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की भी जोरदार आवाज बुलंद की गई।
धरना सभा में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राणा विजय राजभर ने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पांडिचेरी, कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में राजभर जाति को विमुक्त जाति का दर्जा देते हुए उन्हें अलग से आरक्षण प्रदान किया जा रहा है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं दिया जा रहा है।
अब तक प्रदेश की सभी सरकारों ने सिर्फ वोट की राजनीति की और हमें छलने का काम किया है। हर सरकार ने वादा किया और चुनाव के बाद वादा भूल गई। लोकसभा चुनाव से पहले हमें विमुक्त जाति का दर्जा देकर आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया तो प्रदेश में हर स्तर से विरोध दर्ज कराएंगे।
इसी क्रम में नौ सूत्रीय मांगों को उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। धरना में सुरेंद्र राजभर, दामोदर राजभर, रामअवतार राजभर, राजेश राजभर, नंदू राजभर, चौधरी बैजनाथ राजभर, तेजालाल राजभर, रमेश राजभर, बेचन राजभर, लल्लन राजभर, लच्छू राजभर एवं हरिशंकर राजभर ने विचार व्यक्त किया। सभा की अध्यक्षता विभूति राजभर ने की।