विधान परिषद चुनाव में पराजय के कारणों पड़ताल के लिए समाजवादी पार्टी की दो सदस्यीय सोमवार को यहां पहुंची। टीम में शामिल सूबे के मंत्री कमाल अख्तर एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नरेेश उत्तम ने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बातचीत की। बातचीत के दौरान पार्टी की गुटबाजी की बात उजागर हुई। कार्यकर्ताओं ने हार के लिए दो जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। टीम अपनी जांच रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।
जिला में विधान परिषद चुनाव का मतदान तीन मार्च को हुआ था। इस चुनाव में निर्दल प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल ने सपा प्रत्याशी डा. सानंद सिंह को 65 मत से पराजित किया था। एमएलसी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को मिली हार को प्रदेश नेतृत्व ने काफी गंभीरता से लिया। प्रदेश नेतृत्व ने हार के कारणों का पता लगाने के लिए कमाल अख्तर एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम को यहां भेजा। दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यालय लोहिया भवन में नेताओं से बातचीत कर पराजय के वजह की पड़ताल की। उन्होंने कई विधानसभा इकाई के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दो जनप्रतिनिधियों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन पर खुल कर गुटबाजी करने का भी आरोप लगाया गया।
समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष असलम खान ने तो हार के कारणों की पड़ताल पर ही सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि पार्टी में गुटबाजी और भितरघात कोई नहीं बात नहीं है। इसको कभी गंभीरता से नहीं लिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी जांच-पड़ताल से गुटबाजी और बढ़ेगी। पड़ताल के दौरान काफी गहमागहमी रही। दल के सदस्यों ने धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री विजय मिश्र, महिला कल्याण राज्यमंत्री शादाब फातिमा, जिला पंचायत अध्यक्ष डा. विरेंद्र यादव, पूर्व सासंद राधेमोहन सिंह, जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा, विधायक सुभाष पासी, सुब्बाराम, डा. सानंद सिंह, रामधारी यादव, अनुराग सिंह, हैदर अली टाइगर, बच्चा यादव, काशीनाथ यादव, राजेश राय, डा. समीर सिंह, अरुण श्रीवास्तव, देवराज ठाकुर, जैकिशन साहू, मुन्नन यादव, सुदर्शन यादव, गुलाम कादिर राईनी, अवधेश राय से काफी देर तक मंत्रणा की।
एमएलसी चुनाव में सपा को मिली पराजय के कारणों का पता लगाने के लिए दो सदस्यीय टीम ने सोमवार को लोहिया भवन में पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं से बातचीत की। प्रदेश सरकार में जिले के तीन में से दो मंत्री उपस्थित थे। अध्ययन दौरे पर विदेश जाने के कारण पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह से मुलाकात नहीं हो सकी।