आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में 75वीं वर्षगांठ पर 75 तालाबों के जीर्णोद्धार और खुदाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मनरेगा योजना से 16 ब्लाकों के विभिन्न गांव में ऐतिहासिक तालाबों का जीर्णोद्धार और नए तालाबों की खुदाई होगी, जिससे जल संचयन सुचारू रूप से हो सके और जल संरक्षण भी हो। बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज के सभाकक्ष में डीएम मंगला प्रसाद सिंह की अगुवाई में बैठक हुई। इसमें उन्होंने शासन की मंशा के अनुसार अपने-अपने विभाग से संबंधित लक्ष्य एवं कार्यों को 120 दिवस में चिन्हित कराते हुए समय से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
डीएम ने मनरेगा योजना के मूल बिंदु‘‘कैच द रैन’’ के तहत तालाब, नाला-नाली, सूखारोधन कार्य, पौधरोपण, बाढ़ नियंत्रण के चिन्हित कार्य और ग्रामीण क्षेत्र में खेल का मैदान के निर्माण के साथ, अन्य कार्य कराने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें प्रतिदिन 40 श्रमिक प्रति ग्राम पंचायत में नियोजित किए जाएं एवं उन्हें 100 दिवस पूर्ण होने तक कार्य दें। इसके लिए शासन की मंशा के अनुसार एनएमएमएस प्रणाली (मोबाइल के माध्यम से कार्य स्थल पर श्रमिक की उपस्थिति दर्ज करने) के प्रयोग से ही कार्यरत श्रमिक की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। जिलाधिकारी ने हिदायत दिया कि अगर किसी भी अधिकारी-कार्मिक द्वारा भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की सूचना पर और वह जांच में दोषी सिद्ध होता है तो निलंबन के साथ-साथ सीधे कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। कहा कि सरकार के दिशा निर्देश मुताबिक जनपद में प्राचीन ऐतिहासिक तालाबों के साथ-साथ नए तालाब खोदे जाएंगे तथा इन 75 तालाबों से जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इन तालाबों के आसपास पौधरोपण, बैठने के लिए बेंच और लाइट की व्यवस्था की जाएगी। 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस पर इन 75 तालाबों में से सभी तालाबों पर झंडारोहण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।