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जनप्रतिनिधियों की निकाली शवयात्रा

Sun, 18 Jan 2015 11:23 PM IST
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
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 जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियोें से लगातार झूठा आश्वासन मिलने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को उनकी शवयात्रा निकालकर प्रतीकात्मक शव बेसो नदी में प्रवाहित किया। इस दौरान पुलिस द्वारा शवयात्रा रोकने की कोशिश की गई तो कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक भी हुई।
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इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक विवेकानंद पांडेय ने कहा कि करीब 1 वर्ष से लावा मोड़ से आरीपुर एवं पारा से अरसदपुर की सड़क के लिए धान रोपाई, चक्काजाम, आमरण अनशन एवं शुद्धि-बुद्धि आदि कर शासन-प्रशासन की बंद आंख खोलने का प्रयास किया गया। लेकिन जनता को आश्वासन के सिवाय कुछ भी नहीं मिला।

झूठे आश्वासन से अब क्षेत्र के लोग ऊब चुके है। सड़क की बदहाल व्यवस्था को ठीक नहीं किया जाता है तो ग्रामीण अपनी आवाज उठाते रहेंगे। प्राध्यापक डा. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्षेत्र की लोगों की समस्याओं को लेकर बेपरवाह बने हुए है। हमारी मुख्य मांगें है कि अरसदपुर विद्युत उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि कर उसे 10 एमवीए करते हुए क्षेत्र में 12 घंटे बिजली आपूर्ति और जर्जर तारों को बदला जाए। लावा मोड़ से आरीपुर तथा पारा मोड़ से अरसदपुर की सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए।  हमारी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन तेज करने को बाध्य होेंगे। जंगीपुर लावा मोड़ से निकली शवयात्रा बाजार होते बेसो नदी तक गई।
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शवयात्रा निकालने के दौरान ग्रामीण नारेबाजी करते चल रहे थे। इस मौके पर मुकेश गुप्त, गुप्तेश्वर तिवारी, उदय पांडेय, एहसान खान, अमित पांडेय, रामविलास यादव, मनोज कुशवाहा, हवलदार यादव, मनई राम, रामविलास कुशवाहा, हरिद्वार कुशवाहा, संतोष बर्नवास, सेराज अहमद, जोखन गुप्त, हरेराराम यादव आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता डा. अवधेश गुप्त और संचालन सुरेश यादव ने किया।
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