गुरुगोविंद सिंह महाराज का 349वंा प्रकाशोत्सव शनिवार को धूमधाम से शहर के महाजन टोली स्थित गुरुद्वारा पर मनाया गया। इस अवसर पर बाहर से आए रागीजत्था की ओर से भजन कीर्तन कर गुरुगोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने गुरुगोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारे में जाकर मत्था टेका।
सरदार दर्शन सिंह ने सर वंश रानी, महायोद्धा, महाकवि गुरुगोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म पटना साहब में आज ही के दिन हुआ था। गुरुगोविंद सिंह ने 9 वर्ष की अवस्था में जनेऊ, शिखा एवं तिलक की रक्षा के लिए गुरुतेज बहादुर सिंह को चांदनी चौक में बलिदान करा दिया। अपने दो पुत्रों को अपने हाथ से हिंदुओं की रक्षा के लिए युद्ध में शहीद होने के लिए भेज दिया। इतना ही नहीं अपने दो बच्चों को दीवालों में चुनवा दिया। ये
बलिदान इसी राज्य के लिए नहीं बल्कि असहाय, निर्बल, हिंदु जाति के धर्म की रक्षा के लिए किया। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने गुरुगोविंद सिंह ने जीवन उनके त्याग एवं बलिदान को स्मरण किया। जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र ने कहा कि उनके मार्ग पर चल कर देश, समाज का कल्याण कर सकते हैं। इसके बाद प्रसाद वितरण लंगर का
कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर त्रिलोचन सिंह, दलजीत सिंह, गुरुप्रीत सिंह, अमीत सिंह, विनोद अग्रवाल, कामता प्रसाद, निर्गुण केशरी, अजुर्न सेठ, भाजपा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, अबू फखर, अतीक राईनी, जगजीत सिंह, चतुर्भुज चौबे, अंशु सिंह तथा जितेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।