गाजीपुर। जिला ग्राम प्रधान संगठन के तत्वावधान में विकास भवन सभाकक्ष में गुरुवार को बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी ने कहा कि मनरेगा के कार्यों में 60-40 अंशदान केे तहत ग्राम प्रधानों से वसूली किया जाना गलत है। प्रधानों ने मौके पर कार्य किया है।
इसलिए वसूली नोटिस वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग की सलाह प्रदेश सरकार न मानकर बहुत बड़ी गलती कर रही है। आयोग ने 75 प्रतिशत धनराशि ग्राम प्रधानों को देने की संस्तुति की लेकिन सरकार ने पहले से मिल रहे 70 प्रतिशत को भी घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। ग्राम पंचायतों की धनराशि 25 प्रतिशत जिला पंचायत को दे दिया जो सरासर गलत है। प्रधानों का पद एकल होता है जिसका आरक्षण नहीं होना चाहिए।
लल्लन सिंह ने कहा कि ग्रामसभा की भूमि सुरक्षित रखने की कार्रवाई की जाए। अशोक बिंद ने कहा कि मनरेगा का कार्य सुचारु रूप से किया जाए। इससे पहले नवागत मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुुमार पांडेय एवं जिला विकास अधिकारी आरके पांडेय का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि उनकी तरफ से प्रधानों को हर संभव सहयोग मिलेगा।
बैठक में डीसी मनरेगा अनय मिश्र, सुबच्चन यादव, हरिवंश प्रजापति, हरिद्वार यादव, जलालुद्दीन खां, अरशद, मुरली कुशवाहा, बृजलाल यादव, सुरेश यादव, ओमप्रकाश, विजय यादव, रविन्द्र यादव, विक्रमा यादव, रामवचन बिंद, सुरेश राजभर, राजाराम यादव, रमेश, नसीम तथा गुल्लू यादव उपस्थित थे।