क्षेत्र के भालाखुर्द गांव में स्थित प्राचीन शिवमंदिर से 19 दिसंबर की
रात चोरी हुई राम जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां गुरुवार की शाम बरामद कर
ली गईं।
दो आरोपी मूर्तियों को बेचने जा रहे थे कि पुलिस ने मिलहिली तिराहे
के पास से एक चोर को धर दबोचा जबकि उसका साथी भाग निकला। चोरों ने पुलिस
को बताया कि वे अष्टधातु की मूर्ति होने की जानकारी होने पर मूर्तियां
चुराए थे।
भालाखुर्द गांव स्थित प्राचीन शिवमंदिर के दरवाजे का 19
दिसंबर कीरात ताला तोड़कर चोर उसमें स्थापित श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण की
मूर्तियां चुरा ले गए थे। सुबह इसकी जानकारी होने पर श्रद्धालुओं की भीड़
जुट गई थी। इस मामले में आजमगढ़ के संजय बरनवाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज
कराई थी।
इस मामले में पुलिस जांच कर रही थी लेकिन चोरों का सुराग नहीं मिल
रहा था। गुरुवार की शाम बहरियाबाद थानाध्यक्ष विकास पांडेय को मुखबिर से
सूचना मिली कि गाजीपुर-आजमगढ़-तरवा सीमा पर मिलहिली तिराहे पर दो लोग
संदिग्ध अवस्था में खड़े हैं।इसकी सूचना पर पुलिस टीम वहां पहुंच गई।
पुलिस को देख दोनों युवक भागने लगे।पुलिस ने दौड़ा कर एक चोर को पकड़ लिया
जबकि उसका साथी भाग गया। पूछताछ में गिरफ्तार किए गए चोर ने अपना नाम
पलिवार मठिया निवासी रामप्रवेश गिरि बताया।
पुलिस ने उसके पास से झोले में
रखी चोरी की श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां बरामद की। मौके से
भागा दूसरा साथी संतोष राम निवासी भरतपुर बहरियाबाद है। पुलिस ने मूर्ति
को बरामद कर मंदिर के पुजारी पप्पू पांडेय से मूर्तियों की शिनाख्त कराई।