टीबी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब
उनके (बलगम का विस्तृत रूप) कल्चर की जांच जनपद में भी हो सकेगी। स्वास्थ्य
विभाग की तरफ से जीन एक्सपर्ट मशीन जिला क्षयरोग विभाग को उपलब्ध करा दी
गई है।
लाखों रुपये लागत की इस मशीन से मरीजों के कल्चर की जांच आसानी के
साथ हो सकेगी। यही नहीं उन्हें रिपोर्ट भी जल्द मिल सकेगी। सरकार की
तरफ से आम जन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा
है। स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना के साथ ही उपचार की आधुनिक सुविधाएं
उपलब्ध कराई जा रही है।
मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) घातक टीबी की
बीमारी से पीड़ित मरीजों के कल्चर की जांच अभी तक वाराणसी स्थित बीएचयू में
होती रही है। विभागीय कर्मचारी मरीजों के कल्चर लेकर यहां से वाराणसी जाते
थे। इसके बाद वहां कल्चर की जांच होती थी। ऐसे में रिपोर्ट मिलने में कई
दिन का समय लग जाता है।
सरकार की ओर से कार्टरिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड
एप्लीकेशन टेस्ट (सीबीएनएएटी) के लिए जीन एक्सपर्ट मशीन जिले को उपलब्ध करा
दी गई है। अभी तक यह सुविधा प्रदेश के गिनती के जिलों में ही उपलब्ध थी।
इन जिलों के साथ ही उपचार की इस आधुनिक सुविधा की सौगात गाजीपुर को भी मिल
गई है।
जीन एक्सपर्ट मशीन की बाजार में लागत करीब 40 लाख रुपये बताई गई
है। गुरुवार को सीएमआे कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमपी सिंह
के निर्देशन में इसका शुभारंभ किया गया।