गाजीपुर। विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में स्क्रीन टाइम कम करने और पठन-पाठन की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से अब पुस्तकों के साथ-साथ समाचारपत्र भी विद्यालय की पठन-पाठन संस्कृति का हिस्सा बनेंगे। डीआईओएस प्रकाश सिंह ने बताया कि बच्चे को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ाया जाएगा। इससे की अपने आस-पास व देश की गतिविधियों को जानने का मौका भी बच्चों को मिलेगा। शिक्षकों ने इसे शासन की एक अच्छी पहल बताया है।
बीएसए उपासना रानी वर्मा ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार नई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में छात्रों में पढ़ने की रुचि बढ़ाने और मोबाइल व अन्य डिजिटल उपकरणों पर निर्भरता कम करने के लिए अब विद्यालयों में प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने की व्यवस्था की जाएगी।