गाजीपुर। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य जीत लिया है। टीम की जीत में जिले के करमपुर निवासी राजकुमार पाल ने अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने मैच समाप्त होने के दस मिनट बाद ही अपने बड़े भाई जोखन पाल को फोन कर कहा भइया हमने मेडल जीत लिया है। इसके बाद फोन पर ही बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। उधर, देश के जीतने के बाद ही राजकुमार की मां टीवी के सामने से उठकर सीधे पूजा के कमरे में गईं और बहू के साथ मिलकर भगवानकी आरती की।
राजकुमार पाल के शानदार प्रदर्शन के लिए उनकी मां मनराजी देवी सुबह से ही ईश्वर से प्रार्थना कर रही थीं। इंडियम आर्मी की तरफ से हॉकी खेलने वाले और बड़े बेटे जोखन पाल अपनी पत्नी नीलम और बच्चों के साथ लेह से घर आ गए थे।
मां अपनी बहू नीलम के साथ मैच शुरू होने के पहले ही टीवी के सामने बैठ गईं। दूसरी ओर जोखन पाल मेघबरन स्टेडियम के प्रबंधक पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह के घर पहुंचे थे। यहां बड़ी एलईडी स्क्रीन पर मैच का सीधा प्रसारण देखा जा रहा था। कोच से लेकर स्टेडियम के सभी खिलाड़ी मैच देख रहे थे। जोखन पाल बताते हैं कि कमेंट्रेटर से अपने भाई का नाम और शानदार प्रदर्शन की बात सुनकर गर्व महसूस हो रहा था।
राज कुमार ने कॉर्नर शॉट को गोल में बदल दिया। ये मैच का निर्णायक समय था। मैच जीतने के दस मिनट बाद ही राज कुमार ने हमेशा की तरह जोखन पाल को सबसे पहले फोन किया। स्टेडियम के प्रबंधक और पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह से भी फोन पर आशीर्वाद लिया।
स्टेडियम के कोच से लेकर संचालक अनिकेत तक ने उन्हें बधाई दी। राजकुमार के बड़े भाई ने बताया कि राजकुमार 11 अगस्त को घर आएंगे। मां उनकी इस सफलता को देख काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा था बेटा देश का नाम रोशन करेगा। दूसरी ओर इस खुशी पर उनके घर बधाई देने लोगों का तांता लगा रहा। मेघबरन स्टेडियम के प्रबंधक ने बताया कि राज कुमार पाल और ललित उपाध्याय से उनकी फोन पर बातचीत हुई।
उन्होंने देश का मान बढ़ाने वाले अपने दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी। कहा कि हमलोगों को राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय के शानदार प्रदर्शन पर गर्व महसूस हो रहा है।