दिलदारनगर। लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि जंक्शन पर टिकट दलाली का खेल चल रहा है। इसमें रेलवे के कुछ कर्मचारी भी संलिप्त हैं।
शिकायत पर दानापुर से सीआईबी (अपराध खुफिया शाखा) की टीम ने शुक्रवार को जंक्शन पर छापा मारा। इस दौरान रिजर्वेशन सुपरवाइजर मुकेश कुमार व टिकट दलाल मुकेश यादव को रंगे हाथ टिकट दलाली करते हुए पकड़ा गया। आरपीएफ ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने दोनों को जेल भेज दिया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी दिलदारनगर गणेश प्रसाद राणा ने बताया कि जंक्शन पर काफी दिनों से आरक्षित टिकटों की दलाली का कार्य चल रहा था। इस कारण जंक्शन पर टिकट दलाल सक्रिय रहते थे। इसमें कुछ रेलकर्मी भी शामिल थे। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने दानापुर रेलवे मंडल में की थी। शिकायत पर 29 अगस्त को सीआईबी की टीम आरपीएफ के साथ गोपनीय तरीके से जंक्शन पर पहुंची। एसी तत्काल टिकट की बुकिंग के समय चेकिंग हुई। मौके पर कार्यरत रिजर्वेशन सुपरवाइजर मुकेश कुमार डयूटी पर मिले। उनके पास से 2 तत्काल आरक्षण टिकट पाया गया। जांच करने पर एक तत्काल टिकट थर्ड एसी का दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस का दिलदारनगर से सिकंदराबाद तक का मिला। इसका फार्म मांगने पर संबंधित यात्री मौके पर मौजूद मिला। दूसरे टिकट की जांच में पता चला कि यात्री मौके पर मौजूद नहीं है। कुछ समय बाद टिकट दलाल मुकेश यादव निवासी मिर्चा थाना दिलदारनगर टिकट लेने के लिए आया। उसको गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह सुबह से आरक्षण काउंटर पर था। वह टिकट के लिए कार्यरत बुकिंग सुपरवाइजर मुकेश कुमार से संपर्क किया। मुंबई जाने के लिए उन्होंने 2500 रुपये अधिक लेने की मांग की। इसके बाद बुकिंग सुपरवाइजर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। टिकट को जब्त करते हुए बुकिंग कार्यालय में लॉक करवाया गया।
इसके पहले भी अवैध रूप से टिकट निकालने के मामले में बुकिंग सुपरवाइजर की संलिप्तता पाई गई थी। इसी क्रम में 30 अगस्त को दोनों आरोपियों को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रेलवे डीडीयू के समक्ष भेजा गया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रेलवे डीडीयू की ओर से दानों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में चौकाघाट जेल वाराणसी भेज दिया गया।