रौजा रेलवे क्रासिंग को बंद किए जाने के विरोध में रविवार को कई मुहल्ले के लोग सड़क पर उतर गए। दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुषों ने क्रासिंग के पास गोधिया एक्सप्रेस को रोक दिया और इंजन पर चढ़कर रेल राज्यमंत्री और पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम ने रेल अधिकारियों से वार्ता करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए और ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई। ढाई घंटे ट्रेन के खड़े होने की वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेलवे द्वारा रौजा रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने के बाद क्रासिंग को बंद करने का प्रस्ताव था। इसी क्रम में शुक्रवार की देर रात रेलवे प्रशासन ने गार्डर लगवाकर क्रासिंग को दोनों तरफ से बंद करा दिया, जिससे चार पहिया और दोपहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया। क्रासिंग को बंद करने से गुस्साए कई मुहल्लों के दर्जनों महिला-पुरुष शाम करीब 5 बजे रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे और रेलवे लाइन पर बैठ गए। जैसे ही सवा पांच बजे अप गोधिया एक्सप्रेस पर लोगों की नजर पड़ी, वह ट्रेन की तरफ दौड़ प़ड़े। चालक ने क्रासिंग से पहले ही ट्रेन को खड़ा कर दिया।
ट्रेन रुकते ही दर्जनों लोग हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर इंजन पर चढ़ गए और रेल राज्यमंत्री तथा पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जानकारी होते ही सदर एसडीएम एके सिंह, सीओ कमलकिशोर और कोतवाल पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम लोगों को समझाने में जुट गए, लेकिन लोग मौके पर रेलवे विभाग के सक्षम अधिकारी के आने की मांग पर अड़े रहे। लोगों की काफी मान-मनौव्वल करने के बाद एसडीएम ने बताया कि उन्होंने रेलवे के जीएम से वार्ता की है। जीएम ने 24 घंटे का समय मांगा है। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुए और रेलवे लाइन से हटे। सवा दो घंटा बाद साढ़े 7 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।
ट्रेन के खड़ा होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को गाजीपुर उतरना था, वह ट्रेन से उतरकर पैदल निकले। इस ट्रेन के खड़ा होने की वजह से सारनाथ और पवन एक्सप्रेस भी सिटी रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।