सेमरा और शिवराय का पुरा में शनिवार की सुबह तेज हवा एवं शुक्रवार की रात हुई झमाझम बारिश के चलते गंगा में कटान तेज हो गया। गांव बचाने के लिए बनाया गया करोड़ों की लागत से बना ठोकर रामतुलइया मौजा के पास 20
से 25 मीटर तक पानी में बह गया। ठोकर के बहने से जहां इसके निर्माण में बरती गई अनियमितता उजागर हुई है। वहीं गांववासी भयभीत हो गए हैं।
शुक्रवार की रात में शुरू हुई कटान शनिवार को दिन में भी रुक-रुक कर होता रहा। इसमें लगभग 15 मंडा जमीन गंगा की धारा में समाती चली गई। आज जो भूमि कटान की भेंट चढ़ी। उसमें गांव समाज की जमीन थी, जो गुलाब, सूरत
राय, कन्हैया, नंदलाल को पट्टा की गई थी। इसके बाद अब मुहाने पर खलिहान की जमीन आ गई है। ठोकर का हिस्सा बहने की सूचना पर गांववासी ठोकर स्थल पर जमा हो गए। इसकी सूचना प्रशासनिक एवं पुलिस के
अधिकारियों को दी गई लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर गांव के लोगों ने प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। विरोध करने वालों में मनोज राय, अशोक राय, कन्हैया, नंदलाल, साधू राय, प्रेमा राय, रामबचन, सुभाष, विरेन्द्र,
रमेश राय, श्यामबिहारी, विनोद राय, राधेश्याम, गुड्डू राय आदि शामिल रहे। गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथ गुप्त ने कहा कि ठोकर निर्माण के समय से ही इसमें सरकारी धन राशि की बंदरबाट करने के साथ ही मानक
की अनदेखी किए जाने की शिकायत ग्रामवासियों की तरफ से की जाती रही लेकिन ठेकेदारों के पहुंच के चलते इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा आज भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने ठोकर की मरम्मत कराने एंव
इसके निर्माण में की गई गड़बड़ी की जांच की मांग की है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद कुुमार वाघ के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सेमरा और शिवराय का पुरा के कटान प्रभावित
क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। इस दौरान विस्थापित कैम्पों में रह रहे कटान पीड़ितों की पीड़ा सुनी।
विस्थापित कैम्पों में जीवन यापन कर रहे लोगों के दुखों को देखने के बाद श्री वाघ ने कहा कि दो वर्ष से पीड़ित
खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं। केंद्र और प्रदेश की सरकार ने इनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की है। यह काफी दुखद है। पीड़ितों ने बताया कि कटान में 558 परिवार बेघर हो गए। इसमें 337 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में
ही आवास के लिए भूमि दी गई है लेकिन वहां कोई विकास कार्य न होने से लोग कैम्पों में ही रह रहे हैं। उन्होंने पीड़ितों की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। प्रदेश संयोजक डा. जनक प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि
शासन से मिले पैसे का दुरुपयोग किया गया है। पीड़ित खुले आसमान के नीचे तिरपाल डालकर रह रहे हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित है और रोजी रोजगार न मिलने से वह भुखमरी के कगार पर हैं। प्रतिनिधि मंडल में पार्टी के
वरिष्ठ नेता राजीव सिंह, रामप्रसाद राय, राजेश उपाध्याय, मुन्ना शर्मा, ग्यासुद्दीन अंसारी, प्रमोद कुशवाहा, सुनील साहू आदि शामिल रहे।