उत्तर प्रदेश पंचायत राज सेवा परिषद के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को विकास भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर परिषद के महामंत्री रामउदय यादव ने कहा कि शासन की ओर से निर्गत शासनादेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। ग्राम पंचायत से लेकर प्रदेश तक प्रत्येक स्तर पर ग्राम विकास विभाग के नियंत्रण से पंचायती राज विभाग को मुक्त कर विभागों के बीच समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक संवर्ग के आईएस और पीसीएस अधिकारियों को अधिकृत किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर आईएस संवर्ग वरिष्ठ अधिकारी को तैनात किया जाए। विकास से संबंधित सभी विभाग उन्हीं के नियंत्रण में कार्य करे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत पर खंड विकास अधिकारी के नियंत्रण के अधिकार को समाप्त किया जाए। ग्राम विकास विभाग के कर्मी जो पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायत के सचिव का काम देख रहे हैं उन्हें सचिव ग्राम पंचायत के कार्यों से हटाया जाए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश सिंह, महामंत्री काशीनाथ झा, अशोक कुमार यादव, शिवप्रकाश त्रिपाठी, सूर्यभान कुमार राय, पवन कुमार पांडेय, अश्वनी सिंह, संजय शर्मा, मनोज यादव, राजकुमार सिंह, प्रभाकर पांडेय, अरुण, कमलेश, अजीत गुप्ता, रमाकांत सिंह, अजीत सिंह, जर्नादन राय, रमाशंकर पांडेयइ, गंगबासागर, रामबदन यादव, त्रिवेणी सिंह, पतिराम राम, रमाशंकर तिवारी, शेषनाथ बयादव एवं केदार सिंह ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता बृजेश कुमार और संचालन रोशन लाल ने किया।