खानपुर थाना क्षेत्र के शादीभादी गांव के पास बुधवार की भोर में सड़क किनारे कपड़ा व्यवसायी अनिल लोहिया के पुत्र सुमित का फेंका गया शव मिला। मौके पर उसकी बाइक भी बरामद हुई। लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने
शव को कब्जे में ले लिया। इस मामले में मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। इस घटना के बाद से व्यवसायी का नौकर फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
सैदपुर कस्बा निवासी कपड़ा व्यवसायी अनिल लोहिया का पुत्र सुमित लोहिया (22) रोज की तरह मंगलवार की रात 9 बजे दूकान बंद कर टहलने के लिए निकला था। साढ़े नौ बजे के करीब घर वालों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो
उसने थोड़ी देर में घर आने की बात कही थी। जब काफी देर रात होने पर भी वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोग परेशान हो गए और उसके मोबाइल पर फोन मिलाया तो वह बंद था। इस पर परिवार के लोगों ने सोचा किसी
कारणवश उसका मोबाइल बंद है और कहीं होगा तो घर लौट आएगा। उसका इंतजार करते-करते परिवार के लोग सो गए। सुबह खानपुर थाना क्षेत्र के शादीभादी गांव के सामने सड़क के किनारे खाई में लोगों ने एक युवक का शव देखा।
यह खबर कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। भीड़ में खड़ा हर कोई मृतक की पहचान करने में जुट गया। बाद में लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी होते ही
पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी होते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों की नजर जैसे ही मृत पड़े सुमित पर पड़ी, वह चीख-पुकार करने लगे। सुमित के शरीर पर जहां कई जगह चोट के गंभीर
निशान थे, वहीं आसपास खून के छींटे पड़े थे। उसके शव के बगल उसकी बाइक भी गिरी थी। शरीर पर पड़े चोट के निशान के देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसे बेरहमी से मारा गया है। घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए
उसका शव बाइक के साथ गड्ढे में फेंक दिया गया है। सूचना मिलते ही एसपी सिटी सुनील सिंह और सीओ मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल का निरीक्षण कर परिवार के लोगों से पूछताछ की। परिवार के लोगों ने बताया कि नौकर अशोक
पांडेय प्रतिदिन सुमित के साथ दूकान बंद कर घर आता था। लेकिन अभी नौकर का मोबाइल स्वीच आफ बता रहा है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर थाने पर आई। इस मामले में मृतक के पिता ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस
शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुमित प्रतिदिन रात में दूकान बंद घर चला जाता था। रोज की तरह मंगलवार की रात भी परिवार के लोग उसकी राह निहार रहे थे। जैसे-जैसे रात बीतती गई,
वैसे-वैसे उसके घर न लौटने पर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ती गई। देर रात लोग मन को यह तसल्ली देते हुए सो गए कि शायद सुमित किसी दोस्त के यहां हो और अब-तब घर लौट जाएगा, सो गए। सुबह परिवार के लोग का मन
उस समय बेचैन हो गया, जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि शादीभादी गांव में किसी युवक का शव मिला है। घर के लोग मौके पर पहुंचे तो सुमित का शव देख उनके होश उड़ गए। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच
गया। मां गायत्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रही थी कि उसके लाल की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर किसने उसकी हत्या कर दी। सुमित तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।