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Ghazipur News: प्रियंका चौधरी ने यूपीएससी में 79वीं रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान

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सिविल सेवा परीक्षा में 135वीं रैंक प्राप्त करने वाली उसिया गांव निवासी साइमा अहमद खान। स्रोत- प
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जखनिया/ दुल्लहपुर। स्थानीय ब्लाक के गौरा खास की रहने वाली प्रियंका चौधरी को यूपीएससी की परीक्षा में 79वां रैंक प्राप्त हुआ है। कड़ी मेहनत के बल पर पहले बार में ही इन्होंने परीक्षा पास की है। प्रियंका चौधरी मूल रूप से जमानिया तहसील के औरंगाबाद गांव की रहने वाली है, लेकिन पिछले 25 वर्षों से जखनिया के गौरा खास गांव में रहती हैं। इनके पिता मीरा राम जखनिया तहसील में सहायक अनुसेवक हैं। बहुत दिनों तक पिता ने एसडीएम की गाड़ी चलाई। प्रियंका चौधरी ने सर्वोदय इंटर कॉलेज से 10 वीं तक की पढ़ाई की। इंटर शहीद इंटर कॉलेज से किया। इसके बाद वाराणसी के बीएचयू से बीएससी, एमएससी, बीएड करने के बाद फिजिक्स से पीएचडी कर रही हैं। इसी दौरान बीते दिसंबर महीने में इनका चयन जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर हो गया।
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वर्तमान में वह प्रयागराज में तैनात है। पिता मीरा राम ने बताया कि वह बहुत दिनों तक एसडीएम जखनिया की गाड़ी चला रहे थे। वर्तमान में सहायक अनुसेवक के पद पर है। प्रियंका चौधरी ने बताया कि निरंतर प्रयास से हर सफलता प्राप्त की जा सकती है। प्रियंका की छोटी बहन प्रीति हैं। वह भी बीटीसी से करने के बाद टेट क्वालीफाई कर चुकी हैं। घर पर ही रहकर तैयारी कर रही हैं। प्रियंका के चयन होने के बाद पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। पिता ने आसपास के लोगों को मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
साइमा ने 135वीं और प्रांजल ने सिविल सेवा परीक्षा में पाई 250 वीं रैंक

दिलदारनगर। क्षेत्र के दो होनहारों ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में अपनी मेधा का परचम लहराया है। शुक्रवार को घोषित परिणाम में क्षेत्र के नगसर नेवाजू राय गांव के प्रांजल राय ने 250वीं और उसिया की साइमा अहमद खान ने 135वीं रैंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया। प्रांजल ने हिंदी माध्यम से पहले ही प्रयास में सफलता पाकर इबारत लिखी है जबकि साइमा वर्तमान में आईआरएस हैं। दोनों की इस उपलब्धि से परिजन सहित गांव के लोग खुश हैं। कन्नौज में इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता प्रांजल के पिता अजित राय ने बताया कि कन्नौज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसने बीआईटी रांची से बीटेक किया। इसके बाद अमेजन में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर आयरलैंड में कार्य किया।
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देश सेवा की हसरत में उन्होंने दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। अपने पहले ही प्रयास में हिंदी माध्यम से यह सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि प्रांजल की मां संगीता गृहिणी हैं जबकि छोटी बहन अस्मिता भी सिविल सेवा की तैयारी कर रही है। परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर जश्न का माहौल है। वहीं क्षेत्र के उसिया गांव निवासी सेराज अहमद की पुत्री साइमा अहमद खान ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। वर्तमान में वह भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी के रूप में सेवा कर रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को जारी रखते हुए यूपीएससी की परीक्षा में दोबारा सफलता हासिल करते हुए 135वीं रैंक प्राप्त की। यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि गाजीपुर जिले और कमसारोबार उसिया गांव के लिए भी गर्व की बात है। होनहारों की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

सिविल सेवा परीक्षा में 135वीं रैंक प्राप्त करने वाली उसिया गांव निवासी साइमा अहमद खान। स्रोत- प

सिविल सेवा परीक्षा में 135वीं रैंक प्राप्त करने वाली उसिया गांव निवासी साइमा अहमद खान। स्रोत- प

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