समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की आठवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को राजनीति में चंद्रशेखर का योगदान विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने के साथ ही सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया गया।
समता भवन कार्यालय पर आयोजित गोष्ठी में जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने उसूलों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। देश एवं समाज के लिए उनकी दृष्टि दूरगामी थी। कहा कि उनका संसदीय व्यक्तित्व
काफी विराट था। उन्होंने दोनों सदनों में अपने संसदीय व्यक्तित्व की उत्कृष्टता साबित की। वरिष्ठ नेता योगेंद्र राय ने कहा कि उनके विचार में धर्म निरपेक्षता, सर्वधर्म समभाव एवं समाजवादी चिंतन का असर दिखाई पड़ता है। महिला सभा की
जिलाध्यक्ष डा. सीमा यादव ने कहा कि वह साहस और सत्य के प्रतीक थे। अपने लाभ-हानि की चिंता किए बगैर बेबाक टिप्पणी करते थे। इस मौके पर गुलाम कादिर राईनी, परशुराम बिंद, अरुण कुमार श्रीवास्तव, गोपाल यादव, रामप्रकाश
यादव, देवनाथ कुशवाहा, डा. समीर सिंह, सोनू सिंह, कमलेश यादव, श्यामनारायण कुशवाहा, शिवशंकर यादव, संगीता यादव, शकुंतला यादव, बरखा देवी, सुदामी देवी, अनिल कुशवाहा, सुनील यादव, राजनाथ कुशवाहास चन्द्रिका यादव आदि मौजूद थे। संचालन जिला महासचिव सदानंद यादव ने किया।
सजपा के कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि नियाजी स्थित कैम्प कार्यालय पर बुधवार को मनाई। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव सीताराम पांडेय ने कहा कि वह एक जुझारू, कर्मठ और समाज तथा देश के प्रति समर्पित
नेता थे। स्वदेशी से भी उन्हें काफी लगाव था। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रजी अहमद, रामविजय यादव, प्रमोद सिंह, सुरेश सिंह, अजय उपाध्याय, राजेश कुमार चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे। मरदह संवाददाता के अनुसार पार्टी कार्यालय पर वक्ताओं ने
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डालकर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर महेंद्र चौहान, ब्लाक प्रमुख विजय यादव, शिवराम चौहान, रामकरन, रामबचन, निर्मल, अवधेश, गिरिश, जयराम, राजीव, लल्लन उपस्थिति थे। अध्यक्षता रामवृक्ष यादव और संचालन संजीत कुमार ने किया।