परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त प्रधानाध्यापकों के पदों पर पदोन्नति के लिए सहायक अध्यापकों की काउंसिलिंग शनिवार को महुआबाग स्थित बेसिक शिक्षा कार्यालय पर शुरू हुई। पहले दिन निःशक्त एवं महिला अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। इस दौरान 52 सहायक अध्यापकों ने काउंसिलिंग कराई गई।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिले में प्राथमिक विद्यालयों के मानक के अनुसार प्रधानाध्यापकों के कुल 120 पद रिक्त हैं। इन पदों पर पदोन्नति के लिए शनिवार को महुआबाग स्थित बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय पर काउंसिलिंग की गई। मानक के अनुसार उन विद्यालयों पर ही प्रधानाध्यापकों के रिक्त पद भरे जाएंगे जहां पर बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा जिन विद्यालयों पर बच्चों की संख्या सौ से कम है और प्रधानाध्यापक नहीं है वहां पर पदोन्नति नहीं की जा रही है।
जिले में लगभग 19 सौ से अधिक प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से करीब 600 प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त हैं लेकिन पदोन्नति की प्रक्रिया उन्हीं विद्यालयों पर की जा रही है जहां शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सौ या उससे अधिक बच्चे नामांकित हैं। इस मानक को देखते हुए अब उन विद्यालयों का संचालन अवरुद्ध हो जाएगा जहां पर प्रधानाध्यापक नहीं तैनात किए जाएंगे। यह एक बड़ी खामी उभरकर सामने आई है जिसे लेकर अध्यापकों में काफी चर्चा है।