मीरपुर सोनबरसा गांव के पूर्व प्रधान और ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी मीरी राम (50) की बुधवार की शाम पांच बजे बाइक सवार बदमाशों ने गांव के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे दो बार से गांव के प्रधान रह चुके हैं और
अबकी हुए चुनाव में प्रधानी के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। घटना के पीछे चुनावी रंजिश बताई जा रही है। नाराज ग्रामीणों ने शव को सादात चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया।
मनिहारी ब्लाक के मीरपुर सोनबरसा के पूर्व प्रधान मीरी राम (50) शाम पांच बजे सब्जी लेकर अपने परिचित की बाइक से गांव लौट रहे थे। वे सादात-मौधिया रोड पर मीरपुर गांव से एक किलोमीटर पहले शीतला माता मंदिर के
करीब नहर पर पहुंचे ही थे कि बाइक सवार दो बदमाशों ने पीछे से गोली मारकर भाग निकले। गोली मीरी राम की पीठ में लगी और वे बाइक से गिर गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गोली चलने के बाद वह व्यक्ति भी भाग
गया मीरी राम जिसकी बाइक पर सवार होकर घर आ रहे थे। दो बार गांव के प्रधान रहे चुके मीरी राम बेहद लोकप्रिय थे और इस बार भी उनकी प्रबल दावेदारी थी। उनकी हत्या की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर
पहुंच गए।
सूचना मिलने पर सादात, सैदपुर और शादियाबाद की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस शव लेकर सादात थाने पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने सादात चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। हमलावरों की
गिरफ्तारी और मीरी राम के परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। पुलिस के अधिकारी जाम समाप्त करने के लिए ग्रामीणों को मनाते रहे। गांव वाले देर रात तक किसी आला अफसर तो मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे
और जाम समाप्त नहीं कराया जा सकता था। अभी तक मामले में तहरीर नहीं दी गई है लिहाजा केस नहीं किया गया है। पूर्व प्रधान मीरी राम के दो पुत्र अश्वनी, धीरेंद्र और एक शादीशुदा पुत्री रीना है। घटना की जानकारी होने पर पूर्व प्रधान की पत्नी उर्मिला का रो-रोकर बुरा हाल था।
मनिहारी ब्लाक में प्रथम चरण में मतदान हो चुका है। गांव वालों को मुताबिक मीरी राम प्रतिष्ठित व्यक्ति थे और उनकी चुनाव में प्रबल दावेदारी मानी जा रही थी। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि
चुनावी रंजिश में उनकी गोली मारकर हत्या की गई है।