गाजीपुर जिले के करंडा विकास खंड के गोशंदेपुर गांव में विकास कार्यों में धांधली पर बुधवार को ग्राम प्रधान, उनके तीनों बेटों एवं ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ करंडा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर कुल 80 लाख 81 हजार 271 रुपये गबन का आरोप है।
गोशंदेपुर निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत गांव में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान एवं सचिव के खिलाफ जिलाधिकारी एमपी सिंह से शिकायत की थी। इसमें प्रधान-सचिव पर वित्तीय अनियमितता एवं शासकीय धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
डीएम के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने 25 अगस्त को जिला पंचायत राज अधिकारी को कार्रवाई का निर्देश दिया था। मामले की इसकी जांच जिला पंचायत राज अधिकारी ने की। जांच के दौरान ग्राम पंचायत गोशंदेपुर के ग्राम निधि-प्रथम एवं ग्राम निधि-6 से निकाली गई धनराशि का बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया गया।
जांच में पाया गया कि बैंक से विभिन्न तिथियों को ग्राम पंचायत गोशंदेपुर के सचिव उधम सिंह एवं ग्राम प्रधान सावित्री देवी ने स्वयं के नाम से तथा इन दोनों की मिलीभगत से प्रधान के पुत्रों प्रमोद कुमार यादव, अजय कुमार यादव एवं अजीत यादव एवं दुर्गा शक्ति इंटरप्राइजेज (प्रधान के पुत्र की फर्म) के नाम से धनराशि निकाली गई है।
इसमें सचिव उधम सिंह द्वारा कुल 9,84,000 रुपये, ग्राम प्रधान सावित्री देवी द्वारा 26,7,727 रुपये, प्रधान के पुत्र प्रमोद कुमार यादव द्वारा 22,70,344 रुपये, अजय यादव द्वारा 17,2,000 रुपये, अजीत यादव द्वारा 20,200.00 रुपये तथा फर्म दुर्गा शक्ति इंटरप्राइजेज के नाम 43,67,000 रुपये निकाले गए हैं। इस तरह कुल 8081271 रुपये का गोलमाल किया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी के विरुद्ध करंडा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।