नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों गुल रही बिजली, पानी के लिए मचा हाहाकार।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की देर रात तेज आंधी और बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। इसके चलते कई जगहों पर बिजली के तार टूट जाने से जहां आपूर्ति बाधित रही, वहीं पेड़ और उसकी डालियां गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नगरीय क्षेत्रों में चार से पांच घंटे आपूर्ति बाधित रही जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।
दो दिनों से तापमान में कुछ कमी होने के कारण लोग राहत महसूस कर रहे थे। तापमान में कमी आने की वजह से लोगों को तीखी धूप से निजात मिल गई थी। हालांकि उमस में वृद्धि होने के कारण लोगों की दिक्कत कम नहीं हुई। शुक्रवार की देर रात करीब दो बजे तेज हवा के साथ आंधी और बारिश से जहां लोगों को राहत महसूस हुई, वहीं कई जगहों पर टिनशेड व छज्जे गिरने से काफी नुकसान भी हुआ।
आंधी के कारण आम के फल को काफी नुकसान हुआ। पेड़ों से टूटकर गिर गए। बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त होने से नगर के कई मोहल्लों में पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई। इस कारण लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। हैंडपंपों में सुबह से ही लोगों की लंबी लाइन लगी रही। जिन्होंने टंकी आदि में पानी स्टोर किया था, उन लोगों ने तो किसी तरह काम चला लिया, लेकिन जिनके पास यह सुविधा नहीं थी उन्हें पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
भदौरा संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के भदौरा बस स्टैंड के पास सड़क किनारे लगी फल की दूकान शुक्रवार की रात तेज आंधी में पेड गिर जाने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बीती रात तेज हवा संग आंधी पानी ने अपना कहर ढाया। कई लोगों के मड़हे तेज हवा में उड़ गये। वहीं कई जगह पेड़ की डाल गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया।
स्थानीय बाजार के फल व्यवसायी मुहम्मद रिजवान राईनी की लबे रोड किनारे पर फल की दूकान है।
रोज की तरह शुक्रवार की शाम भी वह दूकान बंद कर घर चले गये। रात में आई तेज आंधी में बगल का पेड़ दूकान पर गिर गया। इससे उसकी पूरी दूकान क्षतिग्रस्त हो गई। दूकान पर पेड़ गिर जाने से उसमें रखा सामान एवं फल नष्ट हो गया। सुबह फल व्यवसायी ने आस-पास के दूकानदारों की मदद से पेड़ को हटाया। इस घटना में उसे कई हजार की क्षति हुई है। ब्लाक के फरीदपुर चट्टी पर आई तेज आंधी में पेड़ की डाल गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया। सुबह गांव वालों ने काफ़ी मशक्कत के बाद डाल काटकर हटाया तब जाकर आवागमन सुचारू रूप से शुरू किया जा सका।