बेतहाशा बिजली कटौती और रौजा रेलवे क्रासिंग बंद किए जाने को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजय अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को जुलूस निकाला गया। रौजा रेलवे क्रासिंग के बाद जुलूस आमघाट स्थित विद्युत
कार्यालय पर पहुंचकर धरना में तब्दील हो गया। इस मौके पर सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक अरुण कुमार सिंह ने बिजली कटौती बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां बेतहाशा बिजली कटौती से जनता त्राहि-त्राहि
कर रही हैं, वहीं जनप्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे है। उन्होंने कहा कि बेलगाम हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाम न लगाए जाने पर विवश होकर संघर्ष समिति समिति को धरना-प्रदर्शन का रास्ता
अखित्यार करना पड़ा है। शहर के बिजली का हाल यह हो गया है कि वह कब आएगी और कब चलेगी जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है। घंटों बत्ती गुल होने से शहरियों को तमाम प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा
है। बिजली पर आधारित कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। मौके पर पहुंचे एक्सईयन एसएन मौर्य और एके सिंह ने वार्ता में श्री सिंह को बताया कि आज सुबह नई मशीन लगाकर कटौती की समस्या को दूर कर दिया गया है। अघोषित कटौती
नहीं होगी, घोषित कटौती होगी। 15 घंटा शहर को बिजली मिलेगी। रौजा रेलवे क्रासिंग पर आयोजित सभा में अरुण सिंह ने कहा कि क्रासिंग बंद होने से आम जन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिक्शा-ठेला वालों के
सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रेल प्रशासन से मांग किया कि लोगों पर दर्ज मुकदमा को वापस लिया जाए। क्रासिंग को खोले जाने तक सर्वदलीय संघर्ष समिति का संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अबू
फखर खां, लोचन मिश्रा, श्रीप्रकाश केशरी, सुनील वर्मा, चंद्रिका यादव, शिक्षक नेता प्रकाश दुबे, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेश सिंह, अरविंद सिंह, राजेश सिंह गुड्डू, गिरधारी यादव, चंदन तिवारी, दुर्गविजय बिंद, आसिफ खां
आदि मौजूद थे। अध्यक्षता बटुकनाथ मिश्रा तथा संचालन राजेंद्र गिरी ने किया।