सड़क निर्माण समेत छह सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को छात्रनेता विवेकानंद पांडेय ने जंगीपुर के लावा मोड पर बेमियादी अनशन शुरू किया। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने पहले अनुमति न लेने का हवाला देते हुए विरोध किया। लेकिन समर्थन में
जुटी भीड़ के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन बैक फुट पर आ गया। छात्र नेता विवेकानंद पांडेय ने कहा कि छह सूत्री मांगों को लेकर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग पिछले डेढ़ साल से संघर्षरत हैं। हर बार आंदोलनों के दौरान अधिकारियों ने
आश्वासन दिया लेकिन सड़कों की दशा नहीं सुधरी। कहा कि जंगीपुर के आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों को दैवीय आपदा का चेक नहीं दिया गया। जंगीपुर विद्युत उपकेंद्र पर दस एमबीए के ट्रांसफार्मर की मांग की जा रही थी जिसे आज
तक पूरा नहीं किया गया। लो वोल्टेज और फाल्ट के नाम पर कटौती कर मात्र दो से तीन घंटे ही आपूर्ति की जा रही है। मानपुर के आसपास संचालित डेढ़ दर्जन राइस मिल एवं ईंट भट्ठे सबसे अधिक राजस्व देते हैं। लेकिन वहां विद्युत उपकेंद्र
की स्थापना नहीं की गई। पारा मोड़ से अरसदपुर तक आठ किमी तक की सड़क की मरम्मत के लिए छह माह पहले ही पैसा आ गया। लेकिन आधा-अधूरा काम कराकर छोड़ दिया गया। डा. ओमप्रकाश सिंह ने कहा जब तक समस्याएं दूर
नहीं होती हैं संघर्ष चलता रहेगा। इस मौके पर एहसान खान, संजय कुशवाहा, जावेद अंसारी, रमाकांत यादव, रमेश मिश्रा, सुरेंद्र कन्नौजिया, आंचल सिंह, संतोष, बबलू कुशवाहा, अंगद बारी, हरिश्चंद्र पांडेय, लालजी यादव, धर्मेंद्र यादव, सुरेश
यादव, मनोज कुशवाहा, राम विलाश यादव, गुप्तेश्वर तिवारी आदि ने समर्थन किया।