घर-घर चिट्ठी-पत्री पहुंचाने वाले डाकिए अब डाक के साथ-साथ पैसों की जमा और निकासी भी कराएंगे। कोर बैंकिंग सर्विस से जुड़े जिले के तमाम डाकघर अब पोस्ट पेमेंट बैंक में तब्दील हो जाएंगे। इसके साथ हर डाकिया अब एक चलते-फिरते एटीएम के रूप में कार्य करने लगेगा। योजना के तहत जिले के सभी डाक सेवकों को एक खास तरह की हैंड डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी।
यह योजना भारत सरकार के रूरल इंफार्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आरआईसीटी) ने तैयार की है। योजना के तहत जिले के सभी डाक सेवकों को एक खास तरह की हैंड डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी। यह उपकरण मुख्य डाकघर से सीधे जीपीएस से जुड़ा होगा। इससे मुख्यालय को डाक सेवक की एक-एक गतिविधि की जानकारी तत्काल मिलती रहेगी। यह डिवाइस बहुत कुछ बस कंडक्टरों के पास रहने वाली डिवाइस के समान होगी, जिसमें एक साथ कई खूबियां हैं। इस उपकरण के बाद अब डाक सेवक पोस्ट को डिलिवर करने में कोई हीलाहवाली नहीं कर सकेंगे। दूसरी ओर इसकी मदद से अब घर बैठे डाक खाता धारकों को पैसे की जमा एवं निकासी की सुविधा भी मिलेगी। डिवाइस एटीएम की तर्ज पर काम करेगा। इसमें मोबाइल की ही तरह एक सिमकार्ड होगा जो एक अलग पिन नंबर से सीधे अपने मुख्यालय से जुड़ा होगा।
इस पर फोन कर डाक सेवक को जहां चाहे वहां खाताधारक बुलाकर पैसों की जमा एवं निकासी की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। डिवाइस में कार्ड डालने के बाद अपना पिन नंबर डालने के बाद प्रक्रिया पूरी होते ही डाक सेवक खाताधारक को रकम अदा कर देगा। नकदी लेनदेन में सुविधा होगी। इस डिवाइस के आ जाने के बाद क्षेत्र में कहीं भी किसी भी वक्त डाक विभाग की सेवाएं ली जा सकेंगी। इसके अलावा घर बैठे या रास्ता चलते कहीं से भी पैसों की जमा एवं निकासी की सुविधा प्राप्त की जा सकेगी। ऐसा भी नहीं कि सिर्फ सामान्य बचत खातों में ही राशि जमा की जा सकेगी। इसकी मदद से मनीआर्डर की बुकिंग एवं डिलिवरी, स्पीड पोस्ट, सावधि जमा खाता में कैश जमा, सामान्य बचत खाते में जमा निकासी समेत कैश संबंधी डाक विभाग की तमाम सुविधाओं का लाभ घर बैठे उठाने का मौका मिलेगा।
आरआईसीटी योजना के अंतर्गत जिले के सभी डाकघरों का कायाकल्प हो जाएगा। योजना को मूर्त रूप देने के लिए सभी डाकघरों में टेक्निकल सुधार के अलावा कई सॉफ्टवेयर लोड किए जाएंगे। सभी को हर वक्त ऑनलाइन रखने के लिए जरूरी उपकरणों के अलावा सोलर पैनल एवं बैटरी के साथ ही हैंड डिवाइस उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कार्य को गति दिया जा सके।
- ओपी सिंह, मुख्य डाक अधीक्षक, गाजीपुर