फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीब की थाली से दाल गायब

Thu, 20 Oct 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
विज्ञापन
मिश्रबाजार स्थित एक सब्जी की दूकान पर रखीं सब्जियां।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है। लोगों को महंगाई से राहत नहीं मिल पा रही है। पिछले महीने की तुलना में इस माह चीनी, तेल, आटा, गेहूं और दालों की कीमतों में खासी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। महंगाई के कारण गुरबत में जीने वालों की थाली से दाल गायब है। इसके लिए लोग सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
विज्ञापन

पेट भरने के लिए अनाज लोगों की मूलभूत जरूरत है, लेकिन इनके दाम में लगातार वृद्धि होने से लोगों की जेब ढीली हो रही है। इस माह अरहर दाल,  आटा,  गेहूं, उरद दाल और चीनी के भाव में तेज आई है। सबसे ज्यादा आटा और चीनी के  दाम में बढ़ोत्तरी होना लोगों को अखर रहा है। क्योंकि इनको साधन संपन्न लोगों के साथ ही गरीब भी प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं। खास कर आटा के दाम में वृद्धि से गरीबों को निराशा हो रही है। लोगों का कहना है कि गरीब अपने पेट की भूख शांत करने के लिए आलू की सब्जी के साथ आटे की रोटी खा कर महंगाई में भी किसी तरह जी सकते हैं। लेकिन इस पर भी सरकार का कोई लगाम नहीं है।

शहर के मिश्रबाजार के किराना व्यवसायी चंदन गुप्ता ने बताया कि पिछले माह अरहर 120 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही थी। इस माह इसके दाम में 10 रुपये प्रति किलो और चना के दाल में 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। चीनी के दाम में जहां 4 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है, वहीं आटे के मूल्य में 4 रुपये और गेहूं में 2 रुपये की तेजी आई है। खड़ा चना और उरद की दाल में प्रति  किलो 20 रुपये का इजाफा हुआ है। इसके अलावा मसूर दाल 90 रुपया किलो केराव दाल 40 रुपया किलो, सरसो तेल 110 से 133 रुपया प्रति लीटर, विभिन्न वेरायटी के चावल 25 रुपये प्रति किलो से लेकर सौ रुपये तक बिक रहे हैं। कुल मिलाकर लगातार बढ़ रही महंगाई लोगों का स्वाद फीका कर रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें