गाजीपुर। युवाओं काे कौशल विकास दक्ष बनाने के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को एक्सीलेंस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के कई जिलों के साथ ही स्थानीय राजकीय पालिटेक्निक कॉलेज में पहले चरण में इसकी स्थापना की जाएगी। टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से तकनीकी शिक्षा को नया आयाम देने के लिए संस्थान में सुविधाओं का विकास किया जाएगा। केंद्र में आधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिए छात्रों को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा दी जाएगी।
शहर से सटे राजकीय पॉलिटेक्निक काॅलेज की स्थापना वर्ष 1991 में की गई थी। इस काॅलेज में वर्तमान में तीन ट्रेड जिसमें एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग संचालित है। इन संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं को विभिन्न कौशल में प्रशिक्षित कर उनका बेहतर भविष्य बनाने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य डिप्लोमा सेक्टर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान कर उनके प्लेसमेंट को बेहतर बनाना और उन्हें स्टार्टअप तथा उद्यमिता के लिए तैयार करना है। इसके तहत टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से राजकीय पालिटेक्निक संस्थानों को सेंटर आफ एक्सीलेंस में तब्दील किया जा रहा है। इस योजना में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ ही स्थानीय राजकीय पॉलिटेक्निक काॅलेज का भी चयन किया गया है। पहले चरण में 45 काॅलेजों के साथ ही गाजीपुर में भी इसकी स्थापना की जाएगी। युवाओं को आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षित करना है। सेंटर आफ एक्सीलेंस में उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक मशीनें, डिजिटल प्रशिक्षण सुविधा और हाइ-टेक कार्यशाला स्थापित होगी। इसके अलावा उद्योग की जरूरतों के हिसाब से नए पाठ्यक्रम भी शुरु किए जाएंगे, जिससे उद्योगों की जरूरत के हिसाब से छात्रों को इंजीनियरिंग सिखाई जा सके।
तीन ट्रेड में 479 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत-
गाजीपुर। वर्तमान समय में काॅलेज में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रेड संचालित हो रहे हैं। तीन वर्ष के इन कोर्सों में 479 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में 61, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 212 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 206 छात्र अध्ययनरत हैं।
पहले चरण में सेंटर आफ एक्सीलेंस की यहां स्थापना की जाएगी। केंद्र में आधुनिक मशीनों और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के जरिए छात्रों को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। यह पहल छात्र-छात्राओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी। आज के परिवेश के अनुसार रोजगार में भी सहायता प्रदान करेगी।- विवेक कुमार, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक काॅलेज, गाजीपुर।