रेवतीपुर थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव निवासी राजेश यादव हत्याकांड के मामले में सिंह लाइफ केयर हास्पिटल के आरोपी चिकित्सक दंपती डा. राजेश सिंह, डा. अनुपमा सिंह तथा तीन कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर गुरुवार को अस्पताल में हुई तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटना को लेकर जमानिया तिराहा क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। वहीं शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों कोे गिरफ्तार कर लिया।
बाद में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियाें को जेल भेज दिया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश से लोगों में दहशत व्याप्त है।
बता दें चक्काजाम के साथ तोड़फ ोड़ एवं आगजनी तथा पथराव के मामले में पुलिस ने नौ नामजद तथा 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने पहले पांच युवकाें को गिरफ्तार किया था। दूसरे दिन पुलिस ने बेचू बिंद, खरसैनी तथा मोहन बिंद को गिरफ्तार किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश दुबे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
घटना के बाद रात में अस्पताल पर पुलिस और पीएसी की तैनाती कर दी गई है। गुस्साए लोग अस्पताल पर धावा न बोले, इसके लिए शुक्रवार को अस्पताल छावनी के रूप में तब्दील रहा। जौनपुर, भदोही, चंदौली और वाराणसी सहित जिले की पुलिस वहां तैनात रही। एक तरफ जहां अस्पताल के आगे और पिछले हिस्से में पुलिस का पहरा रहा, वहीं जमानिया मोड़ और सुखदेवपुर चौराहा पर पर्याप्त संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मी मुस्तैद रहे।
घटना के दूसरे दिन शुक्रवार को क्षेत्र में अधिकांश दूकानें नहीं खुली। दूकानदारों की मानें तो पथराव और आगजनी करने वाले तो मौके से भाग निकले, लेकिन बेकसूर दूकानदारों की पिटाई करने के साथ ही पुलिस उन्हें कोतवाली उठा ले आई। लोगों को इस बात का भी भय सता रहा है कि इस मामले में पुलिस ने कब किसे अपना निशाना न बना ले। कुछ कहा नहीं जा सकता।