नगर में भले ही दो-चार बूचड़खाने को ही लाइसेंस मिले हों, लेकिन यहां बदस्तूर दर्जनभर से अधिक स्थानों पर जानवर काटे जाते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के फरमान के बाद जनपद में अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों पर पुलिस की छापेमारी जारी है। करंडा और दिलदारनगर में बूचड़खानों पर ताला लगाने के बाद बुधवार को नगर सहित कई तहसील क्षेत्रों में पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई की।
जिला मुख्यालय स्थित तुलसिया पुल और टाउन हाल पर पुलिस टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की, लेकिन बूचड़खाने लाइसेंसी मिलने पर जांच-पड़ताल के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस की सक्रियता के कारण अवैध रूप से चलाए जाने वाले बूचड़खाने फिलहाल बंद चल रहे हैं। हालांकि अंदर ही अंदर काम चल रहा है। जबकि पुलिस प्रशासन इससे इंकार कर रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर केसी गोस्वामी ने कहा कि किसी भी कीमत पर अवैध बूचड़खाने अब नहीं चलेंगे। इसके लिए सीओ नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस विशेष सख्ती दिखाते ग्रामीण इलाके में भी स्लाटर हाउसों को बंद कर दिया है।
अब गाहे-बेगाहे ही जानवर काटे जा रहे हैं। जनपद के पशु तस्करों का संबंध भी अवैध स्लाटर हाउस के संचालकों से जुड़ा है। वह भी अब दूर रहने लगे हैं। इन दिनों जिले में पशु तस्करी काफी कम हो गई है। पहले इन्हें राजनैतिक संरक्षण भी हासिल था, लेकिन अब सबने हाथ पीछे खींच लिया है। पिछली सरकार में स्लाटर हाउस संचालकों की पहुंच के चलते पुलिस भी उन पर हाथ डालने से पीछे हट जाती थी। अब सत्ता परिवर्तन के साथ स्लाटर हाउस का अवैध धंधा ठंडा पड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।