इसकी नियुक्ति जखनिया विकासखंड के स्थानीय थाना क्षेत्र के ओड़राई स्थित प्राथमिक विद्यालय पर थी। विभागीय जांच में बीटीसी एवं टीईटी का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद इसे पकड़ने के लिए पुलिस ने कई बार पर दबिश दी, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आ रही थी।
मुखबिर से सूचना मिली की फर्जी शिक्षिका अपने पति के साथ कहीं जाने वाली है। सूचना पर एसआई रामअनुग्रह पांडेय के साथ पुलिस कर्मी चंद्रमोहन यादव, चंद्रदेव और महिला कांस्टेबल अंबालिका ने घेराबंदी कर फर्जी शिक्षिका को धर-दबोचा। पूछताछ के बाद चालान कर जेल भेज दिया गया।