गाजीपुर। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष के चंदन नगर स्थित आवास पर शनिवार को विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने पीजी कॉलेज स्थित जयप्रकाशजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं दीपदान कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करने और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
विचार गोष्ठी में महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की देशभक्ति और देश के लिए उनका समर्पण अनुकरणीय था। उन्होंने भारतीय राजनीति को ही नहीं बल्कि आम जनजीवन को भी एक नई दिशा दी। महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वह राजनीति को सेवा का माध्यम बनाना चाहते थे। वह समूचे भारत में ग्राम स्वराज्य का सपना देखते थे और उसे मूर्त रूप देने का उन्होंने अथक प्रयास भी किया। वह अत्यंत भावुक थे लेकिन महान क्रांतिकारी भी। वह स्वयं अनुशासन और मर्यादा के पक्षधर थे इसलिए उन्होंने आजीवन कभी भी मर्यादा की सीमा का उल्लंघन नहीं किया। गोष्ठी में नगर अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, संजय सेवराई, पीयूष श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, अरुण सहाय, मोहनलाल श्रीवास्तव, कमल श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर, गप्पू, नन्हे, विजय प्रकाश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। संचालन जिला सचिव शैल श्रीवास्तव ने किया।