जनपद के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। पर उनकी समस्याएं दूर नहीं हो सकी हैं। कर्मचारियों के वोट से माननीय बनने वाले जनप्रतिनिधि भी उनकी समस्याओं से मुंह फेर लेते हैं। कर्मचारियों का विकास होगा, तभी जिले का भी विकास संभव है। सिंचाई विभाग परिसर में ‘अमर उजाला’ मंथन कार्यक्रम में शनिवार को कर्मचारियों ने चुनावी मुद्दे पर खुलकर चर्चा की।उनका कहना है कि इस बार के चुनाव में वह अपने मत का सोच-समझकर प्रयोग करेंगे।
उसी प्रत्याशी को अपना मत देंगे, जो पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की सोच रखता है। वह कर्मचारियों की हर सुख और दुख में उनका साथ देने वाला हो। उनकी सभी समस्याओं को गंभीरता से सुने और उसका समाधान कराने का कार्य करें तथा आंदालनों में तथा आश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों का साथ्ा दे ।