विधानसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों को भोजन के लिए दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों पर नाश्ता और भोजन बनाकर उपलब्ध कराने का जिम्मा रसोईयों को दिया गया है। इसके लिए दो दिन पूर्व ही बूथ वाले विद्यालयों को खोलने का निर्देश उच्चाधिकारियों की ओर से दिया गया है।चुनाव आयोग की ओर से विधान सभा चुनाव के बिगुल बजते ही जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से सक्रियता तेज करने के साथ ही कर्मचारियों को चुनाव संपन्न कराने के लिए लगा दिया गया है।
मतदान कर्मियों के कार्य करने के दौरान उनका पूरा ख्याल भी आयोग की ओर से किया जा रहा है। दवा, इलाज के साथ भोजन की भी व्यवस्था करने का निर्देश आयोग की ओर से जिला स्तरीय अधिकारियों को दिया गया है। जिससे मतदान के कार्य में लगे कर्मचारियों को दिक्कत न उठानी पड़े। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बूथों पर लगे मतदान कर्मियों को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने की तैयारी उच्चाधिकारियों की ओर से शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
सात मार्च की दोपहर से रसोईयों को इन मतदान केंद्रों पर बर्तन के साथ मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। रसोईयों द्वारा मीड-डे मील के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए राशन के द्वारा ही भोजन तैयार किया जाएगा। इससे मतदान कर्मियों को आसानी से बूथ पर भोजन उपलब्ध हो सकेगा। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक यादव ने कहा कि मतदान केंद्र पर आने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।
मतदान कर्मियों के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी रसोईयों को दी गई है। सात मार्च को सभी रसोईयां मतदान केंदों पर मौजूद रहेंगी। मतदान कर्मियों के नाश्ते और भोजन की व्यवस्था मतदान केंद्रों पर ही रहेगा।