गाजीपुर। जिले में अभी भी पैदल और अन्य साधनों से लोगों के आने का सिलसिला बना हुआ है। सिधौना सीमा पर पिछले 24 घंटे में जहां करीब एक हजार प्रवासियों ने जिले में प्रवेश किया है वहीं अन्य ट्रक, कंटेनर तथा डीसीएम से भी बड़ी संख्या में लोगों को बरामद किया गया है। दुल्लहपुर के शहीद चौक में इस प्रकार के साधन से करीब 77 लोगों को निकाला गया। सभी इसी जिले के विभिन्न गांवों के लोग थे।
दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के जलालाबाद शहीद चौक पर सोमवार को पुलिस ने सड़क पर जा रहे एक कंटेनर को रोका। उसमें 27 लोग किसी तरह से भरे हुए थे। सभी जहां पसीने से तरबतर थे। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी हुई थीं। कंटेनर को बंदकर ऊपर से चादर को थोड़ा सा काटा गया था, जिससे लोग हवा ले सकें। अभी जांच पड़ताल चल ही रही थी कि एक डीसीएम भी लोगों को लादकर ले जाते हुए दिखी, उसे भी रोका गया। उसमें करीब 50 लोग आड़ा तिरछा बैठे हुए थे। कुछ खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। वाहनों में महिला, पुरुष और बच्चे भी थे। सभी को वाहनों से उतार लिया गया। जब जांच किया तो पता चला कि सारे लोग गाजीपुर जिले के विभिन्न गांवों के हैं। सभी लोग मुंबई के अलग-अलग जगहों पर कामकाज करते थे और लॉकडाउन होने से सबका कामकाज बंद हो गया। उन्होंने बताया कि वह दो दिनों से भूखे प्यासे हैं। कंपनी वालों ने ही इन साधनों से घर के लिए भेजा है। जलालाबाद में दुर्गविजय गोड़, पप्पू गुप्ता, बाबूलाल राजभर, अनिल यादव ने लोगों को बिस्कुट और पानी पिलाकर प्यास मिटाई। अधिकारियों के निर्देश पर सभी को गाजीपुर स्थित पीजी कालेज लाया गया और थर्मल स्क्रीनिंग की गई। कुछ लोगों को घर भेजा गया तो कुछ लोगों को क्वारंटीन किया गया। इसी प्रकार, सिधौना बार्डर भी पर भी बाहरी लोगों के आने का सिलसिला बना हुआ है। पिछले 24 घंटे में 350 लोगों की स्क्रीनिंग की गई और विभिन्न साधनों से घर भेजा गया।