फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस दिनों से पेयजल का संकट झेल रही हजारों की आबादी

विज्ञापन
विज्ञापन
कासिमाबाद। कासिमाबाद कस्बा सहित आधा दर्जन गांवों के हजारों की आबादी के सामने जल संकट खड़ा हो गया है। सबमर्सिबल फुंकने से यहां जलापूर्ति पिछले दस दिनों से न होने के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गर्मी के मौसम में पानी के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी लोगों की समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
विज्ञापन

कासिमाबाद कस्बा सहित सुकहा, सोनबरसा, बड़ागांव, बिशुनपुर, शाहबाजपुर, कुतुबपुर, धरवार कला, मेख, मिर्जापुर आदि गांव को कस्बा स्थित जल निगम की पानी टंकी से आपूर्ति की जाती है। बताया जाता है कि पिछले दस दिनों से एक पंप हाउस का सबमर्सिबल जला हुआ है। जबकि ट्यूबवेल नंबर-एक की बोरिंग फेल होने से एक ही पंप के सहारे पानी आपूर्ति डायरेक्ट की जा रही थी। डायरेक्ट आपूर्ति किए जाने से ऊंचाई वाले मकानों को पानी नहीं मिल रहा है। इधर एक पंप के सहारे लगभग एक वर्ष से आपूर्ति होने से लोगों को सुविधा अनुसार पानी भी नहीं मिलता है। पिछले दस दिनों से ट्यूबवेल नंबर-2 का सबमर्सिबल जला हुआ है। सबमर्सिबल जलने से उपभोक्ताओं को पानी के लिए इधर-उधर परेशान होना पड़ रहा है। सुकहा के रामजी चौरसिया ने बताया कि पिछले कई वर्षों से चार नंबर हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया है। पूरे घर की पानी की जरूरत जल निगम की आपूर्ति से होती है लेकिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उदासीनता के चलते जरूरत पड़ने पर दूसरे घरों से पानी लेना पड़ता है। कोड़रा निवासी मंजीत सिंह ने बताया कि पानी नहीं मिलने से घर के पुरुष तो बाहर जाकर स्नान कर ले रहे हैं लेकिन महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कमोवेश इसी तरह की समस्या मनोज कुमार सिंह, गोविंदा देवी, लल्लन चौहान, शिवराज बिंद आदि ने भी बताई। सभी लोगों ने शीघ्र आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। आपूर्ति के बाबत जल निगम के सहायक अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि लॉकडाउन पीरियड होने के कारण कुछ सामान वाराणसी से मंगाना था। इस कारण सबमर्सिबल बनाने में दिक्कत हुई है। मंगलवार की सुबह से जलापूर्ति बहाल हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें