राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में अरबन आशाओं के चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर डिप्टी सीएमओ और एनयूएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र द्विवेदी का शासन के निर्देश के बाद कार्यवाहक सीएमओ ने वेतन पर रोक लगाते हुए चयन प्रक्रिया नहीं होने के कारणों के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। शासन के निर्देशानुसार अरबन आशाओं का चयन 30 जून तक पूरा कर लेना था लेकिन एनयूएचएम (राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन) के नोडल अधिकारी की ओर से प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं गई।
शहरी क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं और पांच वर्ष तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण सहित शासन की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अरबन आशाओं का चयन प्रदेश के 28 जिलों में करने का शासनादेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक की ओर से एक जनवरी को जारी किया गया था। इसके तहत जनपद में भी अरबन आशाओं का चयन किया जाना था। चयन प्रक्रिया मई से 30 जून तक पूरी करने का निर्देश भी स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। विभाग ने चयन की प्रक्रिया एनयूएचएम के नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. भूपेंद्र द्विवेदी को दी।
शासन की ओर से निर्धारित तिथि के अंदर आशाओं का चयन नहीं होने पर अपर निदेशक ने नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने और जुलाई माह का वेतन रोकने का निर्देश सीएमओ को दिया था। कार्यवाहक सीएमओ ने 29 जुलाई को नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। नोडल अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण में दिए गए जवाब से सतुंष्ट नहीं होने और चयन प्रक्रिया तथा कार्य में रुचि नहीं लेने पर जुलाई के साथ अगस्त माह का भी वेतन कार्यवाहक सीएमओ की ओर से रोक दिया गया।
साथ ही वेतन रोकने की जानकारी कार्यवाहक सीएमओ की ओर से शासन को भी भेज दी गई है। इस संबंध में कार्यवाहक सीएमओ डा. धर्मात्मा त्रिपाठी ने बताया कि आठ मई को डिप्टी सीएमओ को एनयूएचएम का नोडल अधिकारी बनाया गया था। साथ ही उन्हें शहरी आशाओं के चयन प्रक्रिया पूरी करने की भी जिम्मेदारी दे दी गई थी। एक माह से ऊपर तक का समय चयन प्रक्रिया में मिलने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं किया गया। इसको गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण के साथ वेतन रोकने का आदेश दिया था। शासन के निर्देशानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।