जिले में प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत तीन दिन की जद्दोजहद के
बाद आखिरकार जिला बेसिक शिक्षाधिकारी और प्राचार्य डायट की तरफ से मंगलवार
को 1997 अभ्यर्थियों की कट आफ मेरिट जारी कर दी गई।
इसके बाद अभ्यर्थियों
को नियुक्ति पत्र देने का रास्ता साफ हो गया है। जिला चयन समिति ने
अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित करने के लिए एकल और शून्य विद्यालयों की
सूची तैयार करना शुरू कर दिया है जिससे अभ्यर्थियों को ऐसे विद्यालयों पर
भेजा जा सके।
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के जिले में निर्धारित 24 सौ सीटों
के लिए आनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का
पात्रता परीक्षा के आधार पर चयन करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के
आदेशानुसार हुआ। इस प्रक्रिया को 19 से 27 जनवरी के बीच मूर्त रूप दिया
जाना है।
लेकिन जिले में इस प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र
देने में स्थानीय अधिकारियों की खींचतान के चलते दो दिन का विलंब हो गया।
अंतत: एससीईआरटीई के निदेशक और बेसिक शिक्षा निदेशक के कड़े निर्देशों के
चलते अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि निदेशक की तरफ से
संदिग्ध पाए गए 63 अभ्यर्थियों के अंकपत्रों के मिलान करने में हो रहे
विलंब के चलते उन्हें चयन सूची में शामिल न करने और नियुक्ति पत्र न देने
का निर्णय किया गया है। उनके लिए 63 स्थानों को सुरक्षित रखा गया है।
अगर
इन अभ्यर्थियों में से जांच के बाद अगर सभी सही पाए जाते हैं तो उनको
नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। उधर डायट पर मंगलवार को कट आफ मेरिट जारी
जानने एवं नियुक्ति पत्र लेने वालों की भारी भीड़ थी। अभ्यर्थी डायट के
स्टाफ से नियुुक्ति पत्र के संबंध में पूछताछ करते रहे।
सही जानकारी के
अभाव में कोसते भी रहे। कुछ अभ्यर्थियों ने प्राचार्य से मिलना चाहा लेकिन
उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। डायट से निराश होने के बाद जब अभ्यर्थियों को यह
पता चला कि बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर सूची चस्पा की गई तो अभ्यर्थी
तुरंत जिला मुख्यालय को रवाना हो गए।
जिला मुख्यालय पर सूची चस्पा देख
अभ्यर्थी जहां प्रसन्नचित मिले वहीं जिनके अंक कट आफ मेरिट में नहीं थे वह
मायूस दिखाई दिए।
एकल और अध्यापक शून्य विद्यालयों पर होगी तैनाती
जिले के प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती एकल अथवा अध्यापक शून्य विद्यालयों
पर की जाएगी। उन्हें ट्रेनिंग के तौर पर अभी छह महीने तक किसी भी विद्यालय
पर भेजकर उन्हें प्रशिक्षण का कोर्स पूरा कराया जाएगा। इस दौरान यह
अभ्यर्थी तीन महीने तक विद्यालय पर रहकर विद्यालय का शिक्षण कार्य,
विद्यभनालय की गतिविधियों तथा अभिलेखों के बारे में जानकारी हासिल कर अपना
पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
इसके बाद शेष तीन महीने की अवधि में उन्हें
डायट पर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। छह महीने का प्रशिक्षण पूरा होने के
बाद सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद की तरफ से उनकी परीक्षा कराई
जाएगी। उसका प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद ही सफल अभ्यर्थियों को स्थाई
शिक्षक रूप में नियुक्ति प्रदान की जाएगी।